द सीजी न्यूज
रायपुर में कांग्रेस के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पार्टी के बड़े नेताओं का स्वागत माला पहनाकर किए। भाजपा समर्थकों ने सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें पोस्ट करते हुए कहा कि सोने की माला पहनाकर स्वागत किया जा रहा है। भाजपा समर्थकों ने टिप्पणी भी कर दी कि छत्तीसगढ़ का पैसा कांग्रेस नेताओं के स्वागत में लुटाया जा रहा है। इस पोस्ट को दो दिनों तक लगातार वायरल किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस माला का सच बताते हुए आज भाजपा पर जमकर प्रहार किया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा – भाजपा की दिक्कत यही है कि वह न छत्तीसगढ़ को समझती है, और न उसकी परंपराओं को। मुहावरा है कि ‘सावन के अंधे को हरा ही हरा दिखता है’ ठीक वैसे ही ‘अडानी के मित्रों को सोना ही सोना दिखता है’…
भूपेश बघेल ने वीडियो जारी कर इस माला को बनाने की पूरी प्रोसेस को दिखाया। सीएम ने बताया कि ये सोने की नहीं बल्कि घास से बनी माला थीं। मुख्यमंत्री ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा – झूठ बोलो, बार-बार झूठ बोलो, जितना जोर से बोल सकते हो, उतना बोलो। इस सूत्र पर चलने वाले इस अनमोल तोहफे का भी अपमान कर रहे हैं, साथ ही प्रकृति पुत्रों/पुत्रियों की कला और छत्तीसगढ़ की संस्कृति का भी। आखिर छत्तीसगढ़ के लोगों और यहां की संस्कृति से भाजपा को इतनी नफरत क्यों है ?

मुख्यमंत्री के सलाहकार ने कहा- हां ये हार सोने के हैं…
रुचिर गर्ग ने सोशल मीडिया पर लिखा – हां ये हार सोने के हैं… उससे भी अनमोल हैं। अफवाह फैलाने वाले आईटी सेल से पता चला कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस महाधिवेशन में आए अतिथियों का स्वागत सोने के हार से किया। करीब 200 की संख्या में ये बेशकीमती हार आए थे। बैगा आदिवासी घास-फूस से जिस माला को बनाते हैं उसे बीजेपी के आईटी सेल ने सोने की माला बना दी।अफवाह भी फैला दी।हार की चमक देखते ही सोशल मीडिया पर आईटी सेल सक्रिय हो गया। अच्छा ये हुआ कि इसी बहाने बैगाओं की मेहनत की चमक सोशल मीडिया पर छा गई। हां इस चमक में सोने से कीमती पसीना है।
हां ये बेशकीमती है,सोना है,सोने से महंगा है।
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