मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों से आगामी खरीफ सीजन में खेती-किसानी में जैविक खाद और जैविक कीटनाशक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की अपील की है। सीएम ने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में जैविक खाद और जैविक कीटनाशक महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। गौठानों में ये उत्पाद भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। इनके उपयोग से जमीन की उर्वरता बढ़ेगी और खेती की लागत भी कम होगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि के ऑनलाइन अंतरण के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस की प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले मानसून में ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करें और अपने गांव, गौठान, खेतों और जंगलों को खूब हरा-भरा बनाएं। मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह, नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना के नोडल अधिकारी डॉ अयाज तंबोली, संचालक कृषि रानू साहू भी कार्यक्रम में उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 409 गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें से 98 प्रतिशत यानी 10 हजार 235 गौठानों का निर्माण पूरा हो गया है। 4 हजार 584 गौठान ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले 15 दिनों में 30 क्विंटल या उससे अधिक गोबर की खरीदी की है। इससे पूर्व के पखवाड़े की तुलना में इतनी अधिक मात्रा में गोबर खरीदने वाले गौठानों की संख्या में 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी प्रकार पिछले वर्ष 16 से 31 मई 2022 की तुलना में इस वर्ष इसी अवधि में गोबर खरीदी में 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रदेश के 5 हजार 911 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं। इन गौठानों द्वारा अब तक गोबर खरीदी के एवज में कुल 53 करोड़ 80 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। आज गोबर खरीदी के एवज में जारी की गई 4 करोड़ 91 लाख रुपए की राशि में से 3 करोड़ 5 लाख रुपए का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा और विभाग द्वारा 1 करोड़ 86 लाख रुपए का भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में चल रही विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से 15 हजार 905 स्व सहायता समूहों के 1 लाख 89 हजार 614 सदस्यों को अब तक 144 करोड़ 22 लाख रुपए की आय हुई है। बघेल ने इस योजना की सफलता के लिए योजना से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस है। हमारी गोधन न्याय योजना का एक उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन करना भी है। राज्य सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, वृक्ष संपदा योजना, कृष्ण कुंज योजना, नदी तट वृक्षारोपण, फलदार पौधा रोपण जैसी योजनाओं के माध्यम से अपने पर्यावरण को लगातर बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है।
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