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सच छिप नहीं सकता, झूठ को बार बार परोसने से…

द सीजी न्यूज

गंगाजल पर केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी लगाए जाने का मामला अब गरमाने लगा है। सीएम भूपेश बघेल ने हाल ही में आरोप लगाया था कि गंगाजल पर केंंद्र सरकार ने जीएसटी लगाा दिया है। इस आरोप का पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पुरजोर खंडन किया। रमन ने कहा कि गंगाजल पर जीएसटी नहीं लगाया गया है। लेकिन, आज सीएम भूपेश बघेल ने जीएसटी लगाए जाने के सबूत दिखाते हुए सोशल मीडिया में पोस्ट किया है। सीएम भूपेश ने कहा है – सच छिप नहीं सकता, झूठ को बार बार परोसने से … 

भूपेश ने अपनी पोस्ट में विस्तार से आगे लिखा है –  भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट द्वारा 3 अक्टूबर 2023 के पत्र के माध्यम से विभाग के सभी डाक परिमंडलों को सूचित किया है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि गंगाजल की बोतल का मूल्य 35 रू (18 प्रतिशत जी.एस.टी. सहित) निर्धारित किया जाता है।” गंगाजल की जिन बोतलों पर पूर्व से मूल्य प्रिन्टेड है उनमें “जी.एस.टी. सहित” की स्टैम्प लगा दी जाये। (संलग्न -1)
इसके बाद डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) द्वारा उसकी वेबसाइट में उक्त निर्देश के पालन में 18 प्रतिशत जी.एस.टी. सहित की स्टैम्प भी लगा दी गयी। (संलग्न-2)
डाक विभाग के इस निर्णय का जब कांग्रेस द्वारा बड़ा विरोध आरंभ किया गया तब घबराकर भारत सरकार के जी.एस.टी. विभाग द्वारा झूठी सफाई जारी की गयी की पूजा सामग्री पर आरंभ से ही जी.एस.टी. नहीं लगाया गया है। सत्य तो यह है कि जी.एस.टी. विभाग की पूजा सामग्री की सूची में गंगाजल शामिल ही नहीं है। (संलग्न -3)
इसके पश्चात् डाक विभाग द्वारा गंगाजल पर 18 प्रतिशत जी.एस.टी. लगाये जाने के निर्णय को दिनांक 12 अक्टूबर 2023 को वापस लेते हुये गंगाजल का मूल्य फिर से 30 रू करने का आदेश जारी किया गया। (संलग्न -4)
इंडिया पोस्ट की वेबसाइट में भी तदनुसार संशोधन कर दिया गया। (संलग्न-5)

2022 तक गंगाजल को निर्मल बनाने का झूठा दावा करने वाले एक बार फिर पवित्र गंगाजल को लेकर बेनकाब हो गये हैं। गंगा मैया के श्राप की कीमत तो भाजपाइयों को चुकानी ही होगी ।

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