- रिटेंशन स्कीम, लीज नवीनीकरण, निजीकरण सहित अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलन को समर्थन न देने की अपील
- भिलाईवासी बोले – केंद्र में भाजपा की सरकार, फिर भाजपा सांसद क्यों कर रहे खानापूर्ति, करें ठोस पहल निकालें समाधान
द सीजी न्यूज
भिलाई। विधायक देवेंद्र यादव ने सेल-बीएसपी प्रबंधन के जन विरोधी निर्णय के खिलाफ आंदोलन का आगाज कर दिया है। 20 दिसंबर व 21 दिसंबर को सिविक सेंटर में दो दिवसीय उपवास करने का ऐलान किया है। रिटेंशन स्कीम आवास का नया नियम वापस लेने, कार्मिकों को मिनिमम वेज, टाउनशिप मार्केट के लीज नवीनीकरण, सेक्टर 9 हॉस्पिटल के निजीकरण, हाउस फॉर ऑल स्कीम के मुद्दे पर विधायक देवेंद्र यादव के गांधीवादी आंदोलन के फैसले से भाजपा की नींद उड़ गई है। भाजपा नेता अब भिलाईवासियों के हित में किये जाने वाले आंदोलन को समर्थन न देने का ऐलान करने लगे हैं। दूसरी ओर भिलाई के बाशिंदो का बड़ा तबका कह रहा है कि केंद्र में भाजपा की सरकार है। ऐसे में भाजपा के सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय चुप्पी क्यों साधे हैं। इन मामलों में कोई भी कारगर पहल करने की बजाय खानापूर्ति क्यों की जा रही है।
इन मुद्दों पर विधायक देवेंद्र यादव ने सभी यूनियनों और व्यापारियों से समर्थन मांगा है। सभी मजदूर यूनियनों को विधायक ने पत्र लिखकर कहा है कि बीएसपी प्रबंधन की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सभी को एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने भिलाई सहित बीएसपी से जुड़े लोगों को एकजुट होकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। देवेंद्र की अपील से बीएसपी से ज्यादा भाजपा में हड़कंप है।
विधायक ने इंटक, सीटू, एटक, एक्टू, स्टील, ठेका श्रमिक यूनियन, भिलाई अनाधिशासी कर्मचारी संघ, ओए ऑफिसर्स एसोसिएशन, एम्पलाइज एसोसियेशन समेत सभी यूनियन और संगठनों से विधायक ने समर्थन मांगा है। विधायक ने कहा कि सेल-बीएसपी प्रबंधन यहां के बजट में कटौती कर कार्मिकों, ठेका श्रमिकों, सेवानिवृत्त और पूर्व कार्मिकों को दी जाने वाली शिक्षा, चिकित्सा और आवास जैसे अनिवार्य सुविधाओं में कटौती कर रही है।
लीज और रिटेंशन स्कीम के तहत आबंटित आवासों के किराए की दर में मनमानी बढ़ोतरी की गई है। लीजधारियों को नोटिस जारी कर आवास खाली करने दबाव बनाया जा रहा है। संयंत्र में वर्षों से कार्यरत श्रमिकों की छंटनी की जा रही है। श्रमिकों के हक का मिनिमम वेज नहीं दिया जा रहा है। संयंत्र को निजीकरण की ओर धकेला जा रहा है।
समर्थन न देने की अपील जारी
भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कामर्स भिलाई के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने शहर के व्यापारियों, सामाजिक, शैक्षणिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों से अपील की है कि ऐसे किसी भी आयोजन या आंदोलन में अपनी भागीदारी न दें, जो सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय के प्रयासों को नुकसान पहुंचा रहे हों। ज्ञानचंद ने कहा कि दोनों जनप्रतिनिधियों द्वारा किये जा रहे कार्य उन्हें विश्वास में लेकर किये जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में चैंबर ऑफ कॉमर्स का संगठन विजय बघेल और प्रेम प्रकाश पांडेय के नेतृत्व में एकजुट है।
जारी बयान में कहा गया है कि समस्या के समाधान के लिये केंद्रीय इस्पात मंत्रालय, केंद्रीय वित्त मंत्रालय व केंद्रीय अंकेक्षक विभाग को विश्वास में लेकर हल निकाला जा रहा है। सांसद विजय बघेल के प्रयासों से यह संभव हो पा रहा है। सांसद बघेल ने दुकान व आवास, सामाजिक संस्थाओं की भूमि के नवीनीकरण में नई दिल्ली में इस्पात मंत्री के साथ चैंबर पदाधिकारियों की बैठक करवाई है। पॉलिसी में बदलाव की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से किसी अन्य राजनीतिक दल या व्यक्ति के बहकावे में ना आने की अपील की गई है।
सांसद बघेल ठोस पहल नहीं कर रहे, टाउनशिप के लोग उतरेंगे सड़क पर : आरपी शर्मा
आचार्य नरेंद्र देव स्मृति जन अधिकार अभियान समिति व लोकनायक जय प्रकाश नारायण स्मारक संस्थान के संयोजक आरपी शर्मा ने बीएसपी के हालिया फैसलों के मद्देनजर सांसद विजय बघेल पर शिथिलता बरतने का आरोप लगाया है। शर्मा ने बयान जारी कर कहा है कि बीएसपी प्रबंधन मनमाने ढंग से सेवानिवृत्त और सेवारत कर्मियों को परेशान कर रहा है। सांसद विजय बघेल केंद्र सरकार के प्रतिनिधि है। उन्हें सीधे केंद्र सरकार से बात करनी चाहिए।
रिटेंशनधारियों के लिए बढ़ाए गए किराए और तृतीय पक्ष अवंटियों की किराए में की गई मनमानी वृद्धि बीएसपी प्रबंधन का एकतरफा और दमनपूर्ण निर्णय है। सांसद को सख्ती से कदम उठाना चाहिए। केंद्र सरकार से बात कर आम लोगों को राहत दिलाना चाहिए। लेकिन, सांसद विजय बघेल सिर्फ बीएसपी प्रबंधन से चर्चा कर खानापूर्ति कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि बीएसपी प्रबंधन ने नए दिशा निर्देश और किराए में बेतहाशा वृद्धि से बीएसपी के नियमित कर्मियों, ठेका श्रमिकों, लीजधारियों, रिटेंशनधारियों, थर्ड पार्टी आवंटियों, दुकानदारों, टाउनशिप के निवासियों और श्रमिक बस्ती में निवासरत लोगों के बीच गंभीर चिंता और भय का वातावरण है। सांसद बघेल सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। बीएसपी मैनेजमेंट की बजाय सांसद को केंद्र सरकार और इस्पात मंत्रालय से चर्चा करना चाहिये।
शर्मा ने कहा कि बीएसपी प्रबंधन मनमाने ढंग से बीएसपी के स्कूल, अस्पताल और मैत्री बाग जैसी परिसंपत्तियों को बेचने पर उतारू है। सांसद बघेल जनभावनाओं को समझते हुए बीएसपी के केंद्र सरकार और इस्पात मंत्रालय से निर्णायक चर्चा करें। सांसद बघेल अगर दिल्ली स्तर पर पहल नहीं करेंगे तो इस्पात नगरी के निवासी एकजुट होकर अपने जनप्रतिनिधि के विरुद्ध भी सड़क पर उतरने से परहेज नहीं करेंगे।
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