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सीएम के कार्यक्रम में घंटो तक भूखे-प्यासे खड़े रहे स्कूली बच्चे : कांग्रेस ने जताई आपत्ति

  • सीएम का स्वागत करने स्कूली बच्चों के इस्तेमाल की उच्च स्तरीय जांच की मांग की 

THE CG NEWS

दुर्ग। विगत 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दुर्ग स्टेडियम आगमन के दौरान स्वागत कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों को घंटों तक खड़ा किये जाने के मामले में जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर ने गंभीर आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों को सुबह से कार्यक्रम स्थल पर बुलाया गया, लेकिन उनके लिए पेयजल, भोजन जैसी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। कांग्रेस ने इस मामले की निष्पक्ष जाँच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की माँग की है।

जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि डीईओ ने चर्चा के दौरान बताया कि बच्चों को बुलाने के लिए मौखिक आदेश दिया गया था।  उन्हें यह निर्देश उच्च स्तर से प्राप्त हुआ था। यह स्पष्ट होना चाहिए कि आदेश किस अधिकारी ने दिया? कितने बच्चों को बुलाने के निर्देश दिए गए? और विद्यार्थियों की सुरक्षा व सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी थी?

धीरज बाकलीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जब बच्चों को सुबह से कार्यक्रम स्थल पर बुलाया गया, तो उनके लिए पीने के पानी, भोजन और छाया की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। स्कूल प्रबंधन पर बच्चों को भेजने का दबाव था, तो इसकी भी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा से समझौता किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

धीरज बाकलीवाल ने कहा कि – प्रशासनिक अधिकारियों का यह कहना है कि बच्चों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था करने संबंधी कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ था, तो यह और भी गंभीर विषय है। क्या बच्चों को घंटों कार्यक्रम स्थल पर रखने से पहले उनकी बुनियादी आवश्यकताओं पर विचार नहीं किया गया? किसकी अनुमति से और किन व्यवस्थाओं के आधार पर इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को बुलाया गया? इन सभी प्रश्नों का जवाब मिलना आवश्यक है।

धीरज बाकलीवाल ने कहा कि स्कूली बच्चे किसी भी सरकार के राजनीतिक प्रदर्शन या स्वागत समारोह की भीड़ बढ़ाने का साधन नहीं हैं। शासन की जिम्मेदारी बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। उन्हें राजनीतिक आयोजनों में इस प्रकार शामिल करने से उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य प्रभावित होती है।

सरकारी पद और प्रशासनिक व्यवस्था का उपयोग राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए बच्चों को जुटाने में किया गया है, तो यह सत्ता एवं पद के दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

 जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर ने जिला शिक्षा अधिकारी से माँग की है कि बच्चों को बुलाने संबंधी मौखिक आदेश देने वाले अधिकारी की पहचान कर आदेश की परिस्थितियों और वैधता की जाँच की जाए। प्रत्येक स्कूल से बुलाए गए बच्चों की संख्या, आयु, उपस्थिति और उन्हें भेजने के लिए स्कूल प्रबंधन पर किसी प्रकार के दबाव बनाए जाने की जाँच हो। कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, भोजन, छाया एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जाँच की जाए।बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर पड़े प्रभाव का आकलन किया जाए। मामले की निष्पक्ष जाँच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए और जाँच रिपोर्ट से अवगत कराया जाए।

जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर ने स्पष्ट चेतावनी देतेे हुए कहा कि इस मामले में जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है। भविष्य में किसी भी सरकारी कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बुलाने से पहले उनकी सुरक्षा, सुविधा और शैक्षणिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

ज्ञापन सौंपने वालों में रायसिंह दिकोला,  प्रेमलता साहू, ब्लॉक अध्यक्ष गुरदीप भाटिया, आनंद कपूर ताम्रकार, दुष्यंत देवांगन, हेमा साहू, शिशिरकांत कसार,   चंद्रमोहन गभने, दीपक जैन, मनीष सोनवाने, चैतन्य बंछोर, हिमांशु शर्मा, अंश चतुर्वेदी, मोहित वाल्दे उपस्थित रहे।

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