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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर से रायपुर शिक्षा संभाग में पहली बार शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए ‘संवर्धन’ शिविर का आयोजन किया जाएगा। संवर्धन का आयोजन रायपुर संभाग के 24 विकासखण्डों में होगा। यह आयोजन शासकीय अवकाश के दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। प्रथम चरण में रायपुर संभाग में पहला शिविर गरियाबंद जिले के विकासखंड देवभोग में 2 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। अन्य शिविर महासमुंद जिले के विकासखण्ड बागबाहरा में 9 अक्टूबर, धमतरी जिले के विकासखण्ड नगरी में 24 अक्टूबर, बलौदाबाजार जिले के विकासखण्ड कसडोल में 31 अक्टूबर और रायपुर जिले के तिल्दा में 7 नवम्बर को आयोजित किया जाएगा। इसके बाद शासकीय अवकाशों का आकलन कर शेष विकासखण्डों की तिथियों का निर्धारण विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों की पहल पर जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
संवर्धन में स्वेच्छा से शामिल होने वाले शिक्षक-कर्मचारियों को अपने मूल आवेदन के साथ समस्या से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और उच्च कार्यालयों से किए गए पत्राचार की प्रतियां प्रस्तुत करना होगा। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय चिन्हांकित विषयों से संबंधित शासकीय आदेश, निर्देश और नियम की प्रतियां साथ में रखेंगे, ताकि नियमानुसार सरलतापूर्वक निर्णय लिया जा सके।
संवर्धन शिविर मे शिक्षकों से संबंधित सेवा पुस्तिका का अद्यतीकरण-समस्त प्रविष्टियां, उच्च परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने विभागीय अनुमति, मकान-जमीन-वाहन क्रय करने की विभागीय अनुमति, अर्जित अवकाश, चिकित्सा अवकाश, संतान पालन अवकाश आदि की स्वीकृति और प्रविष्टि, वेतन नियमतिकरण, वेतन वृद्धि, एरियर राशि का भुगतान, क्रमोन्नत वेतनमान, समयमान वेतनमान निर्धारण, कोष लेखा एवं पेंशन की टीप का अनुपालन (सेवा पुस्तिका में), अधिक भुगतान की वसूल सुनिश्चितीकरण, जी.पी.एफ. (एडवांस, पार्ट फायनल) आवेदन पत्र का निराकरण, बिना अनुमति, सूचना के और दीर्घावधि तक अनुपस्थित कर्मचारियों का अवकाश निराकरण, एन.पी.एस. जमा राशि (एल.बी. के रूप में संविलियन के पूर्व) हेतु पत्राचार, पंचायत, नगरीय निकाय-वेतन निर्धारण और अन्य एरियर्स भुगतान की स्थिति व आवेदन, लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण, कोरोनाकाल में मृतकों के स्वत्व-भुगतान, अर्जित अवकाश, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, एनपीएस, अनुकंपा नियुक्ति आदि प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा।
‘संवर्धन’ का मूल उद्देश्य बिना शासकीय आबंटन व शैक्षणिक कार्य दिवसों को प्रभावित किये बगैर, स्वैच्छिक व स्वयंसेवी प्रशासनिक प्रयासों द्वारा शिक्षा के मूल घटक यानी शिक्षकों के समीप जाकर उनकी समस्याओं का पंजीकरण, यथासंभव एक ही स्थल पर विधिवत त्वरित निदान, निदान के लिए प्रक्रियागत मार्गदर्शन, पंजीकृत समस्याओं की मानिटरिंग कर नियत समय पर हल कराना है।