

- जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव ने मेगा लीगल सर्विस कैंप में कहा – अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
दुर्ग / राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिले के सभी नगरीय निकायों और जनपद कार्यालयों में मेगा लीगल सर्विस कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प का उद्देश्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याण कारी योजनाओं की जानकारी से लोगों को अवगत कराना और शिविर में शामिल पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित कराना था। जिला स्तर पर कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी केंद्र से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी शिविरों को ऑनलाइन जोड़ा गया था। प्रत्येक शिविर के लिए संबंधित निकाय और जनपद कार्यालयों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी।

एनआईसी दुर्ग में ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव ने शिविर को सम्बोधित किया। उन्होंने शिविर का महत्त्व बताते हुए कहा कि शासन द्वारा जनकल्याण के उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा अनेकों योजनाएं चलाई जाती है। जानकारी के आभाव में आम जनता इन योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो जाते है। ऐसे लोगों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने और लाभान्वित करने के उद्देश्य से मेगा लीगल सर्विस कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि समाज में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले, यह शिविर का मुख्य उद्देश्य है। 1987 तक न्यायालय का कार्य न्यायालयीन स्तर पर न्यायिक कार्य होता था। न्यायालय को भी सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने के उद्देश्यों से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का गणन किया। जिसका मूल उद्देश्य लोगो तक पहुँचकर शासन की योजनाओं से जोड़ना है। विधिक सेवा द्वारा 10 प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। इससे अनेकों लोगों को योजनाओं का लाभ लेने का अवसर मुहैय्या हुआ है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग से विधिक सेवा प्राधिकरण कार्य करते हुए जनहितकारी योजनाओं को लोगों तक पहुचाने में मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण शासन और राज्य की जनता के बीच सेतु का कार्य करती है। उसी प्रकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और आम नागरिक के बीच सेतु स्थापित कर उनके कल्याण का काम करती है। उन्होंने सभी अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही करते हुए अधिक से अधिक लोगों को शिविर से लाभान्वित करने कहा। साथ ही शिविर से लाभान्वित लोगों को कैम्प का प्रचार करने भी कहा, ताकि अन्य जरूरतमंद व्यक्ति इस तरह के कैम्प में हिस्सा लेकर शासन की योजनाओं का लाभ ले सकें।
इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि शासन द्वारा सभी वर्ग और प्रत्येक व्यक्ति के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं बनाई गई हैं । योजनाओं का उद्देश्य तभी सफल होता है जब यह योजना सभी पात्र लोगों तक पहुँचे और उनकी समस्याओं का निदान हो। कई पात्र व्यक्ति जानकारी के आभाव में योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो जाते है। उन व्यक्ति तक सहज और आसानी से योजनाओं को पहुंचाने के उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि शासन द्वारा व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु तक अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही है। जिसका क्रियान्वयन विभिन्न विभागों के द्वारा किया जाता है। शिविर के माध्यम से लोगों को जोड़ने उन्हें लाभान्वित करने के लिए कैम्प मददगार होगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक बद्रीनारायण मीणा, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण राहुल शर्मा सहित अन्य उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महिला बाल विकास अधिकारी विपिन जैन, श्रम पदाधिकारी आर के प्रधान और शिक्षा विभाग से आर रघु ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर कलेक्टर परिसर में समाज कल्याण विभाग द्वारा जिला सत्र न्यायाधीश, कलेक्टर, एसपी एवं विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में दिव्यांगो को विभिन्न प्रकार के उपकरण से लाभान्वित किया गया। दिव्यांगता के आधार पर श्रवण यंत्र, ट्राइसिकल, विल चेयर, दिव्यांग प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में अनेकों हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। ई-मेगा लीगल सर्विस कैम्प के माध्यम से दुर्ग जिले में शासन के विभिन्न योजनाओं के तहत् हितग्राहियों को सामग्री, प्रमाण पत्र, पंजीयन कार्ड, राशि इत्यादि प्रदत्त किया गया जिनमें कुल-1,25,191 हितग्राही लाभान्वित हुए तथा कुल राशि- 3,20,85,373 रही।
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