• कलेक्टर गाइडलाइन की दरों में कमी का सभी को मिला लाभ
  • सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री चुने जाने पर क्रेडाईयों ने सीएम का किया सम्मान

कलेक्टर गाइडलाइन की दरों में कमी का सभी को मिला लाभ सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री चुने जाने पर श्री बघेल को क्रेडाईयों ने किया सम्मान

मुख्यमंत्री भूपेश  बघेल ने कहा है कि सरकार का काम सिर्फ राजस्व में वृद्धि करना नहीं है, बल्कि लोगों के सपनों को पूरा करना होना चाहिए। जब छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनी तो शुरुआती दौर के कई महत्वपूर्ण फैसलों में एक फैसला जमीन के लिए कलेक्टर गाइडलाइन की दरों में वृद्धि न करने का था। कुछ लोगों को लगा था कि इससे सरकार के राजस्व में नुकसान होगा, लेकिन मुझे विश्वास था कि इससे सभी वर्ग को लाभ मिलेगा। आज नतीजा सामने है। तीन साल में गाइडलाइन में वृद्धि नहीं की, बल्कि कई तरह की सुविधाओं में इजाफा किया। इससे रीयल एस्टेट डेवलपर्स, बिल्डर्स समेत अपना आशियाना बनाने का सपना देखने वाले आम लोगों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्रेडाई की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में ये बातें कहीं।

कलेक्टर गाइडलाइन की दरों में कमी का सभी को मिला लाभ सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री चुने जाने पर श्री बघेल को क्रेडाईयों ने किया सम्मान

मुख्ममंत्री ने कहा कि कोरोना काल में पूरी दुनिया और देश के कई राज्यों में काम बंद थे। सभी की अर्थव्यवस्था बिगड़ी थी, तब हमारी सरकार ने आम जनता खासतौर से गरीब, मजदूर वर्ग की आवश्यकता को समझते हुए मनरेगा का काम चालू रखा। परिणाम यह रहा कि प्रदेश में गरीब, मजदूर वर्ग की आवश्यकता की पूर्ति हुई, उनके जीवन स्तर में भी सुधार हुआ। छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य रहा जहां न कर्मचारियों के वेतन में कटौती की गई, न विधायकों के वेतन काटे गए। सभी वर्गों के लिए सरकार ने सोचा। ऐसे में जब कोरोना काल में लोगों के खर्चे कम हुए तो लोगों की जेब में पैसा बचा। यह रकम रियल एस्टेट में इन्वेस्ट हुई और मध्यम वर्ग व गरीब वर्ग के लोगों ने अपने घर का सपने पूरा किया।

उन्होंने कहा कि गाइडलाइन की दरों में कमी से रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट बढ़ा है। सरकार ने 75 लाख रुपए तक के मकानों की बिक्री पर पंजीयन शुल्क घटाकर 2 फीसदी करने से रियल एस्टेट सेक्टर को लाभ हुआ। लेआउट पास करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था लागू की गई। इसके लिए 100 दिन का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि अभी इसमें करीब 180 दिन लग रहे हैं लेकिन इसे जल्द 100 दिन में करने पर काम होगा। डायवर्सन प्रक्रिया में भी सरलीकरण किया गया। इन फैसलों से रियल एस्टेट सेक्टर को काम करने में आसानी हुई। आम जनता को भी राहत मिली है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ नगरीय प्रशासन मंत्री डा. शिवकुमार डहरिया, नान के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, विधायक सत्यनारायण शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर, रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कलेक्टर सौरभ कुमार, क्रेडाई के संरक्षक अरूण सिंघानिया, क्रेडाई के उपाध्यक्ष रमेश राव और सचिव संजय रहेजा, आनंद सिघानिया आदि मौजूद थे।