
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई है। निकायों के चुनाव में दुर्ग जिले में सबसे ज्यादा राजनीतिक सरगर्मी रहेगी। यह मुख्यमंत्री का गृहजिला है। सबसे बड़ी बात चरौदा निगम में ही मुख्यमंत्री का निवास है। यह पीएचई मंत्री रुद्र गुरू का विधानसभा क्षेत्र है। इसके अलावा यह निगम गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। रिसाली नगर निगम के गठन के बाद यहां पहली बार चुनाव होंगे। सबसे ज्यादा प्रतिष्ठा भिलाई नगर निगम चुनाव से जुड़ी है। भिलाई नगर निगम में पिछले दो महापौर कांग्रेस से जीते। पिछले कार्यकाल में महापौर देवेंद्र यादव के पहले कांग्रेस से ही निर्मला यादव ने भी महापौर चुनाव जीता था। इस बार यहां कड़ी जोरआजमाईश होने की संभावना है।
जहां तक चुनावी सीन का सवाल है तो प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता होने का फायदा निकाय चुनाव में कांग्रेस को मिलना तय है। कांग्रेस की भूपेश सरकार के निर्णयों से यहां कांग्रेस को लाभ मिलना तय माना जा रहा है। इसके अलावा रिसाली नगर निगम में जिस तरह गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने फील्डिंग जमाई है और चुनाव जीतने की तमाम तैयारियां पहले से ही शुरू की है, उससे रिसाली नगर निगम में कांग्रेस को बंफर जीत मिलना तय माना जा रहा है। हालांकि जैसे जैसे चुनावी राजनीति गरमाएगी, सीन में कुछ बदलाव होने की संभावना भी है। लेकिन, वर्तमान में रिसाली निगम कांग्रेस की झोली में जाएगा, ऐसी संभावनाएं जताई जा रही है।
राजनीतिक प्रेक्षकों के अनुसार अब तक चरौदा नगर निगम में कांग्रेस को तगड़ी टक्कर मिलती रही है। इस लिहाज से कांग्रेस की राह आसान नहीं है। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जनहितैषी फैसलों से तस्वीर काफी बदली है। तीन साल के कार्यकाल में पूरे प्रदेश की जनता को मिली सौगातों के अलावा चरौदा क्षेत्र में सीएम भूपेश बघेल ने विकास कार्यों की जिस तरह से सौगातें दी हैं, उसके कारण यह सीट कांग्रेस की सीट पर आसानी से आने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि पिछले निकाय चुनावों के आधार पर चुनावी संभावनाओं की बात करें तो यहां कांग्रेस को ग्राउंड लेवल पर काफी मशक्कत करना पड़ेगा।
सबसे महत्वपूर्ण भिलाई नगर निगम में इस बार कांग्रेस को कड़ी टक्कर मिलेगी, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, और पूर्व केबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय के लिए निगम का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले विधानसभा चुनाव में दो हजार से भी कम अंतर से चुनाव हारने के बाद पांडेय के समर्थक निगम चुनाव में हार का बदला लेने के लिए तैयारी कर चुके हैं। अगर टिकट वितरण में पांडेय का दबदबा रहा तो कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ेगी। भाजपा सूत्र बता रहे हैं कि भाजपा सांसद सरोज पांडेय के ज्यादातर समर्थकों को ही टिकट दी जाएगी। सरोज समर्थकों को टिकट मिलने पर भिलाई निगम में भाजपा का खेल बेहतर होगा या बिगड़ेगा, अभी यह कहा नहीं जा सकता है। कांग्रेस के कुछ एमआईसी सदस्यों की भ्रष्ट छवि से पार्टी को नुकसान पहुंच सकता है। मुफ्त में ढाई किलो मछली और गनमेटल छवि वाले दो पार्षदों की भिलाई में काफी चर्चा है। और हां … भैया के बड़े भैया की तो बात ही निराली है। उनकी मल्टी विटामिन छवि का भी नुकसान कांग्रेस को हो सकता है। (इसकी डीटेल खबर फिर कभी)।
हालांकि शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर की नियुक्ति के बाद से संगठन काफी सक्रिय हुआ है। अब देखना ये है कि चुनावी समर में मुकेश चंद्राकर क्या कमाल दिखा पाते हैं। यूपी-बिहार के वोटरों की बड़ी तादाद में संख्या को कांग्रेस के फेवर में लाने का काम मशक्कत भरा है। पिछले कार्यकाल में महापौर देवेंद्र यादव पटरीपार में कोई भी खास काम नहीं दिखा पाए हैं। इस नाराजगी का असर भी कांग्रेस को झेलना पड़ेगा।
बहरहाल चुनावी रणभेरी बज चुकी है। कांग्रेस उम्मीद कर रही है कि तीनों नगर निगमों में कड़ी टक्कर और मशक्कत की खबरों के बावजूद आल इज वेल ही होगा। भाजपा कम से कम दो निकायों में अपनी स्थिति बेहतर मान रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार के निकाय चुनाव में स्थानीय मुद्दे ही हावी होंगे या राज्य की भूपेश सरकार और केंद्र की मोदी सरकार के कार्यों का भी टेस्ट होगा। देखना यह है कि कांग्रेस मुख्यमंत्री की जानदार और शानदार नीतियों का चुनावी फायदा उठा पाएगी या नहीं। देखना ये भी होगा कि केंद्र सरकार द्वारा लगातार महंगाई बढ़ाने का मुद्दा भाजपा को कितना डैमेज कर पाएगा ?
23 दिसंबर को मतगणना होगी
छत्तीसगढ़ में 10 जिलों के 15 नगरीय निकायों में चुनाव की तारीख की घोषणा कर दी गई है। आज बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने आज दोपहर 12 बजे से प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। 20 दिसंबर को वोटिंग होगी और 23 दिसंबर को मतगणना होगी। चुनाव की अधिसूचना 27 नवंबर को जारी होगी। 27 नवंबर को ही जिला स्तर पर चुनाव की अधिसूचना भी जारी की जाएगी।
राज्य चुनाव आयुक्त राम सिंह ने बताया कि 27 नवंबर को मतदान केंद्र की सूची का प्रकाशन होगा। इसके बाद 27 नवंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 3 दिसम्बंर है। 4 दिसम्बंर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 6 दिसम्बंर है। अभ्यर्थियों की अंतिम सूची का प्रकाशन और चुनाव चिन्ह का आबंटन 6 दिसम्बंर को होगा। 20 दिसम्बंर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। 23 दिसम्बंर को नतीजे आएंगे।
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