• किसान सम्मेलन और सम्मान समारोह के आयोजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री : महात्मा गांधी के सपने के अनुरूप छत्तीसगढ़ में सुराजी गांव की हो रही स्थापना
  • छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़िया मिलकर कर रहे गौ-माता की सेवा: गाय, गोबर और स्वच्छता को हमने अर्थव्यवस्था से जोड़ा है
  • हमारी नीतियों की वजह से प्रदेश में डीएपी की कमी नहीं होगी

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि परिस्थितियाँ चाहें जैसी भी हों, छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के किसानों और ग्रामीणों के हित में लिए गए निर्णय पर अडिग रहेगी। छत्तीसगढ़ के किसानों, ग्रामीणों, आदिवासियों, महिलाओं सहित सभी वर्गों को खुशहाल और स्वावलंबी बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, बारदाने की आपूर्ति, कस्टम मिलिंग सहित कई अड़चनें केन्द्र सरकार द्वारा जानबूझकर पैदा की जा रही हैं, इसके बावजूद हम किसानों के हित पर आंच नहीं आने देंगे। राज्य में धान समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित किसान सम्मेलन एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि कुछ दिन बाद उनकी सरकार के तीन साल पूरे हो जाएंगे। तीन साल का यह सफर हमने छत्तीसगढ़ के हर वर्ग और समुदाय के लोगों के साथ मिलकर पूरा किया है। उनकी सरकार ने जनता का विश्वास जीता है। किसानों की ऋण माफी, सिंचाई कर की माफी के साथ-साथ अपने वायदे के मुताबिक समर्थन मूल्य पर धान की लगातार खरीदी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में एक रुपए किलो में 65 लाख परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम चावल का वितरण किया जा रहा है। वहीं राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों को 25 सौ रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा के संग्रहण दर का भुगतान किया जा रहा है। राज्य में प्रतिवर्ष 600 करोड़ रुपए तेंदूपत्ता संग्राहकों को भुगतान किया जा रहा है। लघुवनोपज की खरीदी भी 7 से बढ़ाकर 52 कर दी है। साथ ही इसका वैल्यू एडिशन भी किया जा रहा है।

किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने, फसल उत्पादकता बढ़ाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा धान खरीदी के लिए भारत सरकार से 5.25 लाख गठान बारदाने की मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक राज्य को एक लाख गठान बारदाने भी नहीं मिल पाए हैं। इसके बावजूद भी हमने धान खरीदी की शुरुआत की और बारदाने का इंतजाम हम किसान भाइयों, राइस मिलर्स और पीडीएस दुकानों के माध्यम से कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य से इस साल केन्द्र सरकार ने उसना चावल लेने से इनकार कर दिया है। केन्द्र सरकार का यह फैसला छत्तीसगढ़ के किसानों, मिलर्स और मजदूरों के हक में सही नहीं है। छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है जहां कोदो-कुटकी और रागी की भी समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था की है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पूरे देश में डीएपी उर्वरक की कमी को लेकर हाहाकार मचा था, छत्तीसगढ़ राज्य को भी केन्द्र सरकार ने पर्याप्त डीएपी की सप्लाई नहीं की। डिमांड के अनुरूप केवल 70 प्रतिशत डीएपी ही छत्तीसगढ़ को मिल पाई, लेकिन इसकी कमी को हमने गौठानों में बनी वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट से पूरा किया। अनुमान है कि आने वाले समय में डीएपी की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति में कमी बनी रहेगी। भारत सरकार डीएपी की कमी को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साधे है। किसानों को डीएपी न मिलने से खाद्यान उत्पादन में कमी आएगी और इसका प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य के उन्नतशील कृषकों एवं कृषि एवं उससे संबद्ध उत्पादन और व्यवसाय के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्व-सहायता समूहों को पुरस्कृत और सम्मानित किया। इस अवसर कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, गोधन न्याय मिशन के प्रबंध संचालक डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक कृषि यशवंत कुमार, जनसंपर्क आयुक्त दीपांशु काबरा, वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला सहित अन्य अधिकारी व बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।