Breaking News

चुनाव प्रचार में कोविड नियमों का पालन अनिवार्य : हर मतदान केंद्र पर तैनात रहेगा स्वास्थ्य अमला : निर्वाचन आयुक्त

  • सोशल मीडिया के विज्ञापनों और पेड न्यूज पर रखें निगाह
  • सामान्य एवं व्यय प्रेक्षकों की वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिये गए निर्देश

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सामान्य एवं व्यय प्रेक्षकों के कार्यों  की समीक्षा करते हुए कहा कि  पारदर्शी निष्पक्ष और निर्भीक निर्वाचन में राज्य निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि के रूप में प्रेक्षकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। हर छोटी-बड़ी बात पर निगाह रखें। छोटी से छोटी शिकायत पर ध्यान देना ज़रूरी है। निर्वाचन के दौरान कोविड 19 नियमों का उल्लंघन कर प्रचार करने वाले उम्मीदवारों को फौरन नोटिस जारी करें। उन्होंने पार्षद पद के उम्मीदवारों व आम जनता से अपील की है कि कोविड संकट टला नहीं है, इसलिए सावधानी बरतें। एक-दूसरे की सुरक्षा का ख़याल रखें। चुनाव प्रचार में बहुत भीड़ इकट्ठा न करें। मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।

पेड न्यूज पर रखें नज़र,राजनीतिक विज्ञापन का पूर्व  प्रमाणन अनिवार्य

उन्होंने व्यय प्रेक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि समय-समय पर मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी के कार्यों की समीक्षा करते रहें।जिस जिले में चुनाव हैं, वहां जिला स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की ज़िम्मेदारी पेड न्यूज़ पर नज़र रखना है।

आयोग के स्पष्ट निर्देश है कि इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया या केबल टीवी पर कोई भी राजनीतिक विज्ञापन एमसीएमसी कमेटी के पूर्व प्रमाणन के बगैर जारी नहीं होगा। यदि कोई भी राजनीतिक  विज्ञापन बिना प्री-सर्टिफिकेशन के जारी हुआ है तो संबंधित उम्मीदवार को रिटर्निंग ऑफिसर के माध्यम से तत्काल नोटिस जारी करवाएं। पेड न्यूज के मामलों पर भी निगाह रखें। बदलते समय के साथ चुनाव प्रचार के  तरीक़े भी बदले हैं। अब परंपरागत चुनाव प्रचार के साथ सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, वाट्सप, यू-ट्यूब  इत्यादि माध्यमों में भी चुनाव प्रचार होने लगे हैं। इसकी निगरानी का कार्य एमसीएमसी का है।

उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों द्वारा निर्वाचन व्यय के दिन प्रतिदिन दिए जाने वाले व्यय लेखा में आम सभा, रैली आदि के साथ-साथ सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया पर दिए गए विज्ञापन या प्रमोशन में हुए खर्च के ब्यौरे पर ध्यान दें। चुनाव प्रचार में 10 बजे के बाद लाऊड स्पीकर का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। इस बात पर भी विशेष निगरानी रखें। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर कलेक्टर और  जिला दंडाधिकारी को कार्रवाई करने के लिए कहें। 18 दिसंबर की रात तक ही चुनाव प्रचार प्रसार की अनुमति है।

उन्होंने कहा कि सामान्य प्रेक्षक अपने अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर भी निगाह रखें। निर्वाचन के दौरान शिकायतों के निवारण के लिए आयोग एवं जिला स्तर पर कंट्रोल  रूम की स्थापना की गई है, जिसका अधिक से अधिक प्रचार करें ताकि आम जनता निर्भीक होकर अपनी शिकायत दर्ज करा सके।

हर मतदान केंद्र पर मौजूद रहेगा स्वास्थ्य विभाग का अमला

निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि कोविड-19 की गंभीरता को देखते हुए 20 दिसंबर को मतदान दिवस के दिन सभी मतदान केंद्रों में
स्वास्थ्य विभाग का अमला मौजूद रहेगा। उन्होंने नागरिकों से  अपील की है कि मतदान के पहले सर्दी, खांसी, बुखार, कमजोरी या कोई भी लक्षण होने पर अपनी जांच जरूर करवाएं। उन्होंने सामान्य प्रेक्षकों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र का सतत भ्रमण करते रहें। मतदान दलों की ट्रेनिंग, कमीशनिंग, मतदान सामग्री वितरण की समीक्षा करते रहें। समीक्षा बैठक में सचिव रिमिजुइस एक्का, बेमेतरा के सामान्य प्रेक्षक पी दयानंद, भिलाई चरोदा के सामान्य प्रेक्षक अवनीश शरण, राजनांदगांव के सत्यनारायण राठौर ,आयोग के उप सचिव दीपक कुमार अग्रवाल और डॉ संतोष कुमार देवांगन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।

Check Also

6 घंटे बिजली नहीं जाती तो मोदी EX PM होते’ : भूपेश बघेल

किसके इशारे पर दुर्ग जिले की मतदाता सूची में की गई बड़े पैमाने पर धांधली  …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!