- वोरा सुबह से निकले समस्या का जायजा लेने : दिये कड़े निर्देश : तत्काल मरम्मत कर पानी सप्लाई की व्यवस्था बहाल करें
- पीडब्लूडी अफसरों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही
- सड़क पर महीनों से धूल के गुबार उड़ा रही एजेंसी अब शहरवासियों को पानी के लिए तरसा रही
- जिला प्रशासन ने मौन साधा
- सवाल : क्या अनाड़ी अफसरों और अनुभवहीन कंस्ट्रक्शन एजेंसी को सौंपा गया है 64 करोड़ का जीई रोड का प्रोजेक्ट
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
पीडब्लूडी अफसरों की घोर लापरवाही और निकम्मेपन के कारण आज फिर शहर के कई वार्डों की जनता को पानी नहीं मिला। सुबह से लोग नल न खुलने से हलाकान रहे। पीडब्लूडी विभाग ने एक साथ तीन-तीन जगह पर पाइपलाइन फोड़कर भीषण गर्मी के मौसम में जनता को परेशान कर दिया। मालवीय चौक पर एक माह पहले शिफ्ट की गई पाइपलाइन को फोड़ा गया। गंजपारा चौक पर पाइपलाइन को काफी डैमेज किया गया। इसके अलावा अस्पताल के सामने भी पाइपलाइन फोड़ दी।
यानी एक ही दिन में तीन तीन पाइपलाइन फोड़ने की हैट्रिक। भूपेश सरकार के पीडब्लूडी अफसरों के कांम करने का अंदाज इतना निराला है कि जीई रोड चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य से भी जनता परेशान और पाइपलाइन फोड़ने की नालायकी के कारण भी जनता हलाकान।
आज सुबह से दीपक नगर, मालवीय नगर के बड़े हिस्से में नल नहीं खुले। पांच बिल्डिंग और उडिया बस्ती में भी पानी सप्लाई ठप रही। इन वार्डों के आसपास के इलाकों में भी पानी के लिए लोग सुबह से मशक्कत करते रहे। नगर निगम में संपर्क साधा लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला। विधायक अरुण वोरा के पास सुबह से फोन पर शिकायतों का दौर शुरू हो गया। वोरा सुबह 8 बजे निकल पड़े। निगम के जलकार्य निरीक्षक नारायण ठाकुर के साथ मालवीय चौक पर समस्या देखने के बाद अस्पताल के सामने फूटी पाइपलाइन को देखा। फिर गंजपारा में फोड़ी गई पाइपलाइन का जायजा लिया। यहां महापौर धीरज बाकलीवाल भी पहुंचे।
वोरा ने कहा कि सबसे पहले पानी सप्लाई की व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए। पीडब्लूडी और नगर निगम के अफसरों की लापरवाही से शहर की जनता परेशान हो रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सीधे उच्च स्तरीय शिकायत की जाएगी। वोरा ने सख्त लहजे में कहा है कि शहर में वाटर प्रोजेक्ट पर अरबों रुपए खर्च करने के शहरवासियों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। अब भी व्यवस्था नहीं सुधरी तो सख्त एक्शन लिया जाएगा। इस प्रशासनिक लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महापौर धीरज बाकलीवाल ने जलकार्य विभाग के अफसरों को तत्काल मेंटेनेंस करने के निर्देश दिये हैं। महापौर ने कड़े शब्दों में कहा है कि पीडब्लूडी की लापरवाही से जनता पानी के लिए तरस रही है। अब कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
किसके दबाव में पीडब्लूडी अफसरों के खिलाफ एफआईआर नहीं कर रहा निगम प्रशासन ?
गंजपारा में कल शाम से ही पाइपलाइन फूटी है। अस्पताल के सामने पाइपलाइन फोड़ने की शिकायत कई बार हो चुकी है। पीडब्लूडी की अनाप शनाप खोदाई करने के कारण दीपक नगर में भी पानी सप्लाई में बार-बार रुकावट भी हो रही है। ऐसा लग रहा है मानो 64 करोड़ की सड़क उन्नयन और सौंदर्यीकरण का प्रोजेक्ट पीडब्लूडी के अनाड़ी अफसर को सौंप दिया गया है। कंस्ट्रक्शन एजेंसी का काम भी रायता फैलाने वाला है। टेढ़ी मेढ़ी जिग-जैग नाली बनाने वाले अनाड़ी इंजीनियरों और कंस्ट्रक्शन कंपनी ने मिलकर शहर की व्यस्ततम रोड का कबाड़ा कर दिया है। अब पानी के लिए भी जनता को तरसा रहे हैं।
जिले की प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह फेल
बड़ा सवाल ये है कि पीडब्लूडी अफसरों और कंस्ट्रक्शन एजेंसी के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं कराई जा रही है। नगर निगम की टंकियों से निकला हजारों गैलन पानी फूटी पाइपलाइनों से बहकर बर्बाद हो गया। जनता पानी के लिए तरसती रही। इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस नुकसान और जनता की परेशानी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने में निगम प्रशासन के हाथ-पांव क्यों फूल रहे हैं। पिछले दिनों नगर निगम की पानी सप्लाई प्रभावित होने पर एडीएम नुपुर राशि पन्ना ने इंटेकवेल का दौरा किया था। सख्त निर्देश दिये कि अब गर्मी में पानी सप्लाई पर असर नहीं पड़ना चाहिए। सवाल ये है कि जिला प्रशासन पीडब्लूडी पर सख्त क्यों नहीं है। क्या पीडब्लूडी अफसरों पर कोई नियंत्रण नहीं है?
बड़ा सवाल ये भी है कि क्या जिले की प्रशासनिक मशीनरी इस निरंकुश और लापरवाह अफसरशाही पर नियंत्रण कर पाने में पूरी तरह फेल हो चुकी है ?
क्या इस प्रशासनिक अकर्मण्यता पर रोक लगेगी ?
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