मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बिहारपुर में ग्रामीण भोपाल सिंह के घर पर भोजन करने पहुंचे और उनके साथ पालथी मारकर बैठकर भोजन किया। भोपाल सिंह के घर पर पेहटा, तिलौरी, रोटी, चावल, दाल, भिंडी की भुजिया, करेला भुजिया, लकड़ा की चटनी का स्वाद लेते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सनावल में भी पेहटा का स्वाद लिया था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लकड़ा को मध्य छत्तीसगढ़ में अमारी कहते हैं।


मुख्यमंत्री ने भोपाल सिंह से उनकी खेती-किसानी की जानकारी ली। सीएम को जब यह पता चला कि इस साल उन्होंने धान नहीं बेचा है, तब मुख्यमंत्री ने तहसीलदार को निर्देश देते हुए कहा कि भोपाल सिंह के खेत में फलदार वृक्ष लगवाकर वृक्षरोपण योजना का लाभ दिलाएं और खेत मे बोर भी लगाएं।


सीएम ने भोपाल सिंह के परिवारजनों से मुलाक़ात की। सभी का हाल चाल जानने के साथ ही उन्होंने राजकुंवर को साड़ी भेंट की। परिवार की बच्ची आरती की मांग पर सीएम ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल खोला जाएगा। भोपाल सिंह की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी बालिका छात्रावास, स्वामी आत्मानंद स्कूल, मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे।