द सीजी न्यूज
जांजगीर-चांपा जिले में बोरवेल में गिरे 11 वर्षीय राहुल साहू को बचाने की मुहिम में चट्टान आड़े आ गई। पिछले तीन दिनों से लाखों लोग राहुल को सुरक्षित निकालने के अभियान की सफलता की कामना कर रहे हैं। बोरवेल के गड्ढे में 65 फीट नीचे फंसे राहुल तक पहुंचने के लिए समानांतर गड्ढा खोदने के बाद सुरंग बनाने का कार्य कल शाम से शुरू हुआ।
उम्मीद थी कि देर रात तक राहुल को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। लेकिन टनल तैयार करते समय चट्टान आ गई और अब उम्मीद की जा रही है कि चंद घंटों में यह मिशन पूरा हो जाएगा। जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और एसईसीएल के अधिकारी-कर्मचारी अभियान में दिन-रात लगातार जुटे रहे। राहुल को बोरवेल से निकालने के लिए 3 मीटर लंबी सुरंग बनाई जा रही है।
शुक्रवार को दोपहर के समय बोरवेल में गिरा था राहुल, दिन-रात चला रेस्क्यू मिशन
शुक्रवार को दोपहर बाद मालखरौदा ब्लाक के ग्राम पिहरीद में घर के पीछे खोदे गए बोरवेल में राहुल साहू गिर गया था। करीब 65 फीट नीचे बोरवेल में राहुल फंस गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार इस अभियान पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने दो बार कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला से चर्चा करते हुए जरूरी निर्देश दिये। इसके अलावा सीएम ने राहुल के परिजनों से भी बातचीत की।
राहुल साहू को बचाने के लिए शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। कलेक्टर, एसपी से लेकर अन्य अफसर पिहरीद में तीन दिन से वहीं जमे रहे। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ सहित सेना के जवान दिन-रात मेहनत कर राहुल को सही सलामत बाहर निकालने कड़ी मशक्कत कर रहे हैं।
अभियान के तहत बोरवेल से कुछ दूरी पर खोदाई का काम किया गया। रविवार की शाम तक 63 फीट गहरा गड्ढा खोदा जा चुका था। इसके बाद राहुल तक पहुंचने के लिए टनल बनाने के दौरान बीच में चट्टान आने के कारण काम में काफी रुकावट आई। सुरंग बनाने के लिए खदान में रेस्क्यू करने वाली कुसमुंडा और मनेन्द्रगढ़ के एसईसीएल के अधिकारियों को बुलाया गया। कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला इन अधिकारियों से लगातार चर्चा की।
स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट
जिला प्रशासन द्वारा आपात चिकित्सा व्यवस्था की गई है। सीएमएचओ सहित डॉक्टर की टीम मौके पर मौजूद हैं। घटनास्थल पर ऑक्सीजन के पर्याप्त सिलेंडर रखे गए हैं। जिंदल रायगढ़ व अपोलो अस्पताल को अलर्ट किया गया है। राहुल की स्थिति सामान्य रहने पर जिला अस्पताल में भर्ती करने और स्वास्थ्य ठीक न होने की स्थिति में 60 किलोमीटर दूर जिंदल अस्पताल में भर्ती करने की तैयारियां पहले से कर ली गई हैं।
पहली बार में ही फेल हो गया रोबेट
गुजरात से आए जिस रोबेट पर प्रशासन को पूरा विश्वास था, वह रोबेट रेस्क्यू अभियान में पहली कोशिश में फेल हो गया। रोबेट एक्सपर्ट की टीम लगातार प्रयासों में जुटी रही। प्रशासन की टीम टनल व रोबेट दोनों दिशा में काम कर रही है। रोबेट एक्सपर्ट गुजरात के महेश अहीर ने बताया कि पहली बार जब रोबेट को डाला तब राहुल ने कोई रिस्पांस नहीं दिया। जहां राहुल बैठा है, वहां पर पत्थर भी है। इसलिए रोबेट पूरी तरह से राहुल को पकड़ नहीं पाया। अगर राहुल उठ जाता तो रोबोट उसे पकड़ लेता। राहुल को उठाने का प्रयास किया गया। लेकिन कोशिशें नाकाम हो गई।
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