Breaking News

पीएम के बयान पर बोले भूपेश : अगर विकास का पैमाना केवल अडानी हैं, तो ऐसा विकास नहीं चाहिए

द सीजी न्यूज

संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कहा कि अगर विकास का पैमाना केवल अडानी हैं, तो ऐसा विकास नहीं चाहिए। दरअसल, संसद में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के मामलों और भाजपा सरकार में आर्थिक विकास के मुद्दे उठाए। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि कुछ लोगों को देश के विकास से बहुत निराशा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम के इसी बयान को लेकर आज राजधानी रायपुर में पलटवार किया।

रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा – सवाल यह है कि देश की प्रगति किससे है। किसानों की आय दोगुना करने की बात कही थी, लेकिन खर्च दोगुना हो गया। अगर विकास का पैमाना केवल अडानी के विकास से है, तो ऐसा विकास नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास ऐसा होना चाहिए, जिसमें इस देश के किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं, आदिवासी, अनुसूचित जाति का विकास हो। केवल मुट्‌ठी भर लोगों का विकास नहीं चाहिए। ये लोकतांत्रिक देश है। इसमें सबका हिस्सा है। सभी के पास विकास की किरणें पहुंचनी चाहिए।

सीएम ने आरोप लगाया : झीरम की जांच रोक रही भाजपा 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर झीरम घाटी कांड की जांच रोकने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा आखिर जांच क्यों रोक रही है। हमने एनआईए को भी पत्र लिखा, होम मिनिस्टर को भी पत्र लिखा कि आपकी जांच पूरी हो गई है, आप फाइनल रिपोर्ट सबमिट कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ की जनता को और झीरम में शहीद हुए नेताओं और जवानों के परिजनों को न्याय नहीं मिला। अब हमें जांच करने का अधिकार दे दिया जाए। हम कोर्ट में गए तो एनआईए कोर्ट पहुंच गई। कानून की आड़ लेकर भाजपा किसे बचाना चाहती है। उसका षड़यंत्र क्यों उजागर नहीं होने देना चाह रही है।

छह महीने के लिए झीरम आयोग का कार्यकाल बढ़ा है

सरकार ने झीरम कांड की जांच कर रहे आयोग का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। इस आयोग का गठन मई 2013 में हुआ था। तबादले से पहले जांच कर रहे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस प्रशांत मिश्र ने जो रिपोर्ट दी थी, उसे सरकार ने अधूरा बताकर दो नये सदस्यों की नियुक्ति कर दी थी। जस्टिस सतीष अग्निहोत्री और जस्टिस मिनहाजुद्दीन के दो सदस्यीय आयोग का कार्यकाल भी 10 फरवरी को खत्म हो रहा था। अब सरकार ने इसका कार्यकाल 10 अगस्त 2023 तक के लिए बढ़ा दिया है।

Check Also

जश्ने ईद मिलादुन्नबी : आज नेअमते उज़्मा कॉन्फ्रेंस, 26 को शान से निकलेगा जुलूसे मोहम्मदी 

THR CG NEWS जिनके आने से रौशन हुए दो जहां,  उनके कदमों की बरकत पर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!