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डेनेक्स ब्रांड : दो साल में दंतेवाड़ा की महिलाओं ने तैयार किये 72 करोड़ मूल्य के 12 लाख डिजाइनर गारमेंट : देश-दुनिया में हो रही सप्लाई : बस्तर की महिलाओं ने लिख दी आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई इबारत

द सीजी न्यूज

डेनेक्स फैक्ट्री की पहली यूनिट 2021 में प्रारंभ की गई थी। दो साल में यहां कार्यरत महिलाओं ने 12 लाख गारमेंट बनाकर देश दुनिया में बिक्री के लिए भेजकर करीब 72 करोड़ की आमदनी कर ली है। यहां तैयार किए गए रेडीमेड कपड़ों की गुणवत्ता और उनकी डिजाइन ग्राहकों को लुभा रही है। कई बड़े मल्टीनेशनल स्टोर्स और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म पर भी इन कपड़ों की डिमांड है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ कई देशों को भी यहां तैयार किए गए रेडीमेड गारमेंट निर्यात किए जा रहे हैं।

इस फैक्ट्री के माध्यम से करीब 1000 महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा गया है। जिला प्रशासन के संरक्षण में स्व सहायता समूहों के माध्यम से संचालित हो रहे इस रेडीमेड गारमेंट उद्योग को इंडस्ट्रियल चैन के रूप में आगे भी विस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में प्रशासन के सहयोग से महिलाएं लगातार आगे बढ़ भी रही हैं।

दंतेवाड़ा के ब्रांड डेनेक्स

तमिलनाडु के कोयंबटूर में होलसेल की देश की सबसे बड़ी यूनिट में से एक एक्सपोर्ट हाउस तिरपुर के साथ डेनेक्स एफपीओ (किसान उत्पादक संघ) हुए एमओयू के बाद डेनेक्स की पाँचवीं यूनिट छिंदनार से तैयार होने वाले कपड़े यूके और यूएस के बाज़ार में भी भेजे जा रहे हैं।डेनेक्स के माध्यम से वस्त्र व्यवसाय के एक नए केंद्र के रूप में दंतेवाड़ा उभरा है। यहाँ के कपड़ों की क्वालिटी की वजह से देश भर में इनकी मांग बढ़ी है और देश भर की व्यापारिक संस्थाएँ इनसे एप्रोच कर रही हैं।

डेनेक्स का अर्थ है ‘दंतेवाड़ा नेक्स्ट’। डेनेक्स की महिलाओं की चर्चा देश भर में उस समय भी हुई जब उन्होंने 11 किमी. लंबी चुनरी का निर्माण किया। इसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दंतेश्वरी माता के मंदिर में अर्पित किया।

महिलाओं को रोजगार दिलाने

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 31 जनवरी 2021 को डेनेक्स की पहली यूनिट की शुरुआत गीदम विकासखंड अंतर्गत ग्राम हारम में की थी। दंतेवाड़ा जिले में हारम के बाद अब कटेकल्याण, छिंदनार, बारसूर, कारली में डेनेक्स की कुल 5 यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं। सर्वप्रथम महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। यहां महिलाओं के उद्यमिता कौशल को बढ़ावा मिल रहा है साथ ही आजीविका का साधन मिलने से जीवन स्तर में तेजी के साथ सकारात्मक बदलाव आए हैं।

उद्यमिता कौशल को मिल रही नई दिशा, बढ़ रहा आत्मसम्मान

छत्तीसगढ़ मॉडल का अनूठा अनुप्रयोग

एक समय था जब बस्तर के क्षेत्र में औरतें घर की चारदीवारी तक सीमित थीं। डैनेक्स के जरिए महिलाएं इन बंदिशों को तोड़कर तरक्की के आसमान छू रही हैं और आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख रही हैं। सभी के चेहरे पर गर्व की चमक है और सफलता की ओर तेजी से बढ़ रहे उद्यमी की तरह आत्मविश्वास है। दंतेवाड़ा नेक्स्ट (डेनेक्स) की दीदियां आज दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। छत्तीसगढ़ मॉडल का यह अनुप्रयोग देश में महिला सशक्तिकरण का अनूठा उदाहरण है।

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