हमारे राम शबरी के राम, कौशल्या के राम, वनवासियों के राम और हम सबके भांजे : भूपेश बघेल
24/04/2023
मुख्यमंत्री ने माता कौशल्या धाम में पर्यटकों की सुविधा के लिए टूरिज्म कैफे का किया लोकार्पण
महिला सशक्तिकरण की थीम पर आधारित था माता कौशल्या महोत्सव
द सीजी न्यूज
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर के साथ छत्तीसगढ़िया इमली कैंडी का स्वाद चखा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की नगरी चंदखुरी में तीन दिवसीय माता कौशल्या महोत्सव में शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि श्रीराम हमारे भांजे हैं, हमारे राम शबरी के राम है, माता कौशल्या के राम हैं, वनवासियों के राम हैं, हमारे पवित्र ग्रंथों में श्रीराम की जैसी छबि बनती है, हमारे राम वैसे हैं। हमें संत महात्माओं का अनुकरण करते भगवान श्रीराम को वैसे ही चित्रित कर हमेशा उनके आदर्शों पर चलते हुए महात्मा गांधी के दिखाएं राम राज्य के आदर्श के लिए काम करते रहना है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने यह बात चंदखुरी में आयोजित माता कौशल्या महोत्सव के समापन अवसर पर कही।
आज लेजर शो और कैफे का भी शुभारंभ किया गया है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधाएं मिलेगी। सीएम ने कहा कि चंदखुरी के विकास के लिए राज्य सरकार अनेकों कार्य कर रही है। प्रदेश में राम वनगमन पर्यटन परिपथ के निर्माण, विकास और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। मंदिर परिसर के उन्नयन से यहां लोगो का आना-जाना बढ़ा है। पूरे देश में छत्तीसगढ़ इकलौता राज्य है जो मानस गान का आयोजन करता है और रामायण मंडलियों को सम्मान राशि भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महोत्सव में उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले विभिन्न मानस मंडलियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम को पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक पारसनाथ राजवाड़े, छत्तीसगढ़ खनिज निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित थे।
मशहूर गायक पद्मश्री कैलाश खेर ने की मुख्यमंत्री की प्रशंसा
मशहूर गायक पद्मश्री कैलाश खेर ने माता कौशल्या मंदिर को भव्य रूप देने और कौशल्या महोत्सव के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। कैलाश ने कहा कि श्रीराम और माता कौशल्या की दिव्यता को मिली है वैश्विक पहचान, छतीसगढ़ अब भगवान राम के ननिहाल के रूप में जाना जा रहा है। देश ही नहीं विश्व में माता कौशल्या का एक मात्र मंदिर है। छतीसगढ़ की धरा और लोग धन्य है जिन्हें माता कौशल्या और भगवान राम दोनों का आशीर्वाद एक साथ मिला।
टूरिज्म कैफे का उद्घाटन
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माता कौशल्या महोत्सव के समापन अवसर पर मंदिर परिसर में स्थित पर्यटन विभाग द्वारा तैयार टूरिज्म कैफे का उद्घाटन किया। पयर्टन कैफे शुरू होने से अब यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को छत्तीसगढ़ी व्यंजन सहित मिलेट्स से तैयार किए गए खाद्य उत्पाद उपलब्ध होंगे। इस कैफे के शुरू होने से श्रद्धालुओं को छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा और पर्यटक भी छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से रूबरू हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माता कौशल्या की जन्मभूमि चंदखुरी के वैभव को विश्व पटल पर स्थापित करने, प्रदेश की कला, संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने, महिला सशक्तिकरण, कार्यशील कलाकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं कला दलों के सतत् विकास हेतु इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर माता कौशल्या महोत्सव मनाने की घोषणा की थी।
महिला स्व-सहायता समूह की स्टॉलों दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार लगातार काम कर कर रही है। मेला, उत्सवों एवं अन्य प्रदर्शनी आदि कार्यक्रमों के अवसर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं के विक्रय एवं प्रचार-प्रसार हेतु उनको बाजार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। माता कौशल्या महोत्सव के मौके पर भी महिला स्व-सहायता द्वारा उत्पादित वस्तुओं को विक्रय के लिए विशेष तौर पर नौ स्टॉल तैयार किए गए थे। महिलाओं द्वारा संचालित इन स्टालों में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक देखने को मिली।