Breaking News

फेल होने या कम नंबर मिलने पर निराश नं हों स्टूडेंट्स … हौसला और संकल्प शक्ति से जीत सकते हैं जिंदगी की हर बाजी …

Dr shama Hamdani

(Clinical Psychologist & Associate Professor  Pt Ravishankar Shukla University Raipur) 

द सीजी न्यूज

बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे लगातार जारी हो रहे हैं। परीक्षा में कम नंबर मिलने या फेल होने की स्थिति में स्टूडेंट्स काफी स्ट्रेस महसूस करते हैं। परीक्षा में कम नंबर मिलने पर अक्सर स्टू़डेंट्स निराश हो जाते हैं। कई बार स्टूडेंट्स निराश होकर सुसाइड करने जैसे कदम उठा लेते हैं। बेहद जरूरी है कि बच्चों के माता पिता या उनके अभिभावक बच्चों को लगातार हौसला देते रहें। हिम्मत बढ़ाते रहें। किसी भी स्थिति में स्टूडेंट्स पर प्रेशर न डालें। उन्हें बताएं कि जीवन में कामयाबी का सफर केवल इस परीक्षा के नतीजे से पूरा नहीं होगा। आगे भी कई परीक्षाओं के मौके मिलेंगे। सफलता पाने के रास्ते अभी खत्म नहीं हुए हैं।

असफलता या कम नंबर मिलने की स्थिति में उदास होना आम बात है। असफल होने पर आप रो सकते हैं या दिमाग शून्य होने जैसा महसूस कर सकते हैं। आप सोच सकते हैं कि इस परीक्षा ने आपके सपनों और उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है। ये सब कुछ स्वाभाविक है। लेकिन, ऐसे हालात से उबरकर आगे बढ़ने का हौसला रखने वाले स्टूडेंट्स ही कामयाबी की ऊंचाईयां हासिल करते हैं। ऐसी ललक हर स्टूडेंट्स में होनी चाहिए।

परीक्षा में असफलता से कैसे निपटना है, यह जानना-समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है। याद रखें जीवन में बेहद सफल लोगों में से ज्यादातर लोगों ने कामयाबी पाने के पहले कई बार असफलता का सामना किया। हिम्मत न हारने के हौसले और हर हाल में कामयाब होने की संकल्पशक्ति के कारण ही उन्होंने कामयाबी का आसमान छू लिया। 

असफलता से निपटने के इन तरीकों पर गौर करें 

असफल होने पर कुछ समय मित्रों और परिवार से घिरे रहें। कुछ देर अकेले रहने का मन हो तो रहें। लेकिन किसी भी स्थिति में यह विचार मन में न लाएं कि आप हार चुके हैं। यही सोचें कि अब नई चुनौती है। इस असफलता को हराना ही सबसे बड़ा टास्क है। इस टास्क को पूरा करके ही दम लेंगे।

जब आप यह खबर सुनते हैं कि आप असफल हो गए हैं, तो आपके दिमाग में हजारों विचार चलने लगते है। सबसे पहले अपने दिमाग को शांत करें। तर्कसंगत रूप से सोचें और हर हाल में कामयाबी पाने का संकल्प लें। खुद को वर्कआउट करने, जिम में समय बिताने या टहलकर विचार करने के साथ ही मेडिटेशन, अपने परिवारजनों और शुभचिंतकों से बातचीत करने में वक्त गुजारें। 

अपनी असफलता के कारणों का पता लगाएं और नए सिरे से कड़ी मेहनत करने की संकल्प शक्ति के साथ आगे की प्लानिंग करें। याद रखिये – “बिखरे हुए दूध पर रोने का कोई फायदा नहीं होता है।” परीक्षा में सफलता पाने के लिए अपनी रणनीति बदलने पर विचार करें। अपने पढ़ाई के तरीके बदलने सहित किसी मित्र या शिक्षक से संपर्क करें और प्रश्नों के उत्तर लिखने के तरीके के बारे में सलाह मांगें।

याद रखिये – परीक्षा में फेल होना दुनिया का अंत नहीं है। सिर्फ एक बार विफल होने का मतलब यह नहीं है कि आप हर चीज में असफल हो जाएंगे। उम्मीद न छोड़ें। परीक्षा में असफल होना जीवन में असफल होना नहीं है। कभी हार न मानें। उम्मीद न छोड़ें। सकारात्मक दृष्टिकोण रखें । दुनिया का सामना करने और अपने रास्ते में आने वाली नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें।

कभी भी अपनी तुलना किसी दूसरे व्यक्ति से न करें। आपको हमेशा यह सोचना चाहिए कि कोई भी दो व्यक्ति एक जैसे नहीं हो सकते। सभी लोग एक जैसी कामयाबी नहीं पा सकते। याद रखें कि दो लोगों के अंगूठे के निशान भी एक जैसे नहीं होते हैं। इस दुनिया में हमेशा कोई न कोई ऐसा होगा जो आपसे बेहतर होगा। निराश होने की बजाय नए सिरे से सफलता पाने का प्रयास करें।

और हां … जिंदगी में कदम कदम पर इम्तेहान हैं। हौसला रखेंगे तो कामयाबी जरूर मिलेगी।

Check Also

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नवा रायपुर में किया विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण

विकसित भारत के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश देगा विकसित भारत …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!