द सीजी न्यूज
राज्य मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष अलताफ अहमद ने भाजपा के चलबो गौठान अभियान को लेकर करारा प्रहार किया है। अलताफ ने कहा कि पिछले तीन साल से गौठानों का निर्माण कर इनका संचालन हो रहा है। इस दरम्यान भाजपा नेताओं ने एक दिन भी गौठान जाकर गौसेवा नहीं की। पैरा पानी की व्यवस्था नहीं की। चुनाव करीब देखकर भाजपा नेताओं को अचानक गौमाता व गौठान की फिक्र होने लगी है।
अलताफ ने कहा कि भाजपाईयों ने 15 साल के शासनकाल में गो पालन और गो संरक्षण करने की बजाय सिर्फ गाय के नाम पर राजनीति की है। डेढ़ दशक के शासनकाल में भाजपा नेताओं को गौशाला के नाम से मिलने वाले करोड़ों रुपए के अनुदान का अता-पता नही है। और तो -और गौशालाओं में सैकड़ो गायों की मौत के बावजूद रमन सरकार ने आंखे बंद रखी। रमन सरकार के कार्यकाल में चारा न मिलने के कारण सैकड़ों गायें मर गई थी।
अलताफ ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार ने गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरे प्रदेश में करीब 10 हजार से ज्यादा गौठानों का निर्माण कराया है। इन गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी सहित गौवंशीय पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था की गई है। केंद्र की भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ की गौठान योजना की तारीफ की है। कई राज्यों की टीम यहां आकर गौठानों में हो रहे कार्यों का अध्ययन कर रही हैं और इस योजना की सराहना कर रहे हैं। सिर्फ भाजपा को तकलीफ रही है।
अलताफ ने कहा कि राज्य के गौठानों में न सिर्फ गोवंश संरक्षण का कार्य हो रहा है बल्कि यहां ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने साधन संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गौठानों में गोबर से बन रहे दीये, गमले, गोबर पेंट, खाद सहित कई आईटम्स का निर्माण किया जा रहा है। हजारों महिलाओं को इन गौठानों में रोजगार मिला है। गोबर खरीदी भी सुचारू रूप से चल रही है जिसके कारण गरीब किसान व मजदूर गोबर बेचकर आर्थिक समृद्धि हासिल कर रहे हैं।
अलताफ ने कहा कि जब गरीब किसान, मजदूर वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के भूपेश सरकार लगातार नवाचार कर रही है। इससे भाजपा को आपत्ति क्यों हो रही है। क्या भाजपा नहीं चाहती कि गौ सेवा और गौ संरक्षण के साथ ही महिलाओं को रोजगार मिले। छत्तीसगढ़ की जनता गौठानों में किये जा रहे नवाचारों से खुश है। भाजपा के गौठान विरोध की राजनीति हवा हवाई साबित होगी।
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal
