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भिलाई नगर निगम का उलटा-पुलटा काम : अरबों खर्च करने के बावजूद खुर्सीपार में पानी पहुंचाने में नाकाम : कलेक्टर भी घर-घर घूमे : नतीजा शून्य

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

भिलाई नगर निगम में हुए अजीबोगरीब फैसले और उलटे-पुलटे काम के कारण खुर्सीपार के नागरिकों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। नगर निगम की पिछली परिषद ने दावा किया था कि लोगों के घरों में 24 घंटे भरपूर पानी मिलेगा। पानी सप्लाई में रुकावट नहीं आएगी। भिलाई नगर निगम में पेयजल व्यवस्था के लिए लगभग पौने पांच सौ करोड़ रुपए खर्च करने के बाद हाल ये है कि खुर्सीपार के नागरिक पानी के लिए तरस रहे हैं। नगर निगम की पिछली परिषद की नाकाम व्यवस्थाओं का जायजा लेने खुद कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे को खुर्सीपार वार्ड की गलियों का भ्रमण करना पड़ा। उन्होंने कड़े निर्देश दिये, लेकिन अब तक नतीजा शून्य है। 

कलेक्टर के निर्देश के बाद इस एरिया को छावनी की पानी टंकी से जोड़कर पानी सप्लाई की योजना का भी भट्‌ठा बैठ चुका है। अरबों रुपए खर्च करने के बाद अब निगम अफसरों ने शिवनाथ नदी से पानी सप्लाई कर पाने में हाथ खड़े कर दिए हैं। अफसरों को भूजल स्रोत की याद आ रही है। स्थिति इतनी बदतर है कि इस एरिया में पानी सप्लाई के लिए दो दशक पहले खोदे गए बोर में मोटरपंप लगाकर पानी सप्लाई करने की नौबत आ गई है। हालांकि स्थानीय लोग बोर के पानी में केमिकल मिला होने के कारण इसका विरोध कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि छावनी व इसके आसपास के एरिया में बोर के पानी में केमिकल मिला होने की शिकायत कई साल से मिल चुकी है। शिवनाथ का पानी खुर्सीपार पहुंचाने में नगर निगम की नाकामी के कारण उन्हें दोबारा बोर का पानी पीना पड़ेगा।

तत्कालीन महापौर ने ध्यान ही नहीं दिया : अफसर भी फंड खर्च करने में व्यस्त रहे 

नगर निगम की पिछली परिषद ने खुर्सीपार और कैंप इलाके में भिलाई इस्पात संयंत्र के आवासों पर बीएसपी के नल कनेक्शन होने के बावजूद नया नल कनेक्शन जोड़ दिया। हजारों घरों में नए नल कनेक्शन देने के कारण पानी के प्रेशर में कमी होने से खुर्सीपार क्षेत्र के बड़े हिस्से में लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। पिछली परिषद के महापौर व वर्तमान विधायक देवेंद्र यादव वाटर प्रेशर और खुर्सीपार एरिया की भौगोलिक स्थिति का आकलन करने में पूरी तरह विफल रहे। निगम अफसरों ने बिना प्लानिंग स्वीकृत योजना की राशि खर्च कर दी। अरबों रुपए लापरवाही की भेंट चढ़ गए।

भिलाई नगर निगम में पानी सप्लाई करने बड़े पैमाने पर खर्च हुई रकम 

भिलाई नगर निगम एरिया में वृहद पेयजल योजना और भागीरथ पेयजल योजना के तहत लगभग २५० करोड़ खर्च किए गए। इसके लिए 77  एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट, एक इंटकवेल का निर्माण किया गया और पटरीपार इलाके में 9 ओवरहेड टंकियां बनाई गई। बाद में अमृत मिशन योजना के तहत 242 करोड़ रुपए खर्च किये गए। योजना के तहत 10 ओवरहेड पानी टंकी, 66 एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट और एक इंटकवेल का निर्माण किया गया। इन योजनाओं के तहत लगभग 650 किलोमीटर पाइपलाइन का जाल बिछाया गया।

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