
- फल-फूल के पौधों से हरे भरे हुए 28 नदियों के तट
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
छत्तीसगढ़ में नदी तट वृक्षारोपण’ कार्यक्रम के तहत 28 नदियों के तट पर लगभग 11 लाख पौधे रोपे गए हैं। रोपण के बाद नदियों के तट का 978.785 हेक्टेयर रकबा हरा भरा हो गया है। फल-फूल के पौधे आकर्षण का केन्द्र बन गए हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा नदी तट रोपण का कार्य किया गया। इनका रोपण कैम्पा, मनरेगा और जिला खनिज न्यास निधि सहित नदी तट वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत किया गया है। नदी तट रोपण कार्यक्रम के तहत गत वर्ष के दौरान शामिल नदियों में इन्द्रावती नदी, शबरी नदी, चक्का बुक्का नदी, महानदी, पैरी नदी, केलो नदी, ईब नदी, जोंक नदी, हसदेव नदी, तान्दुला नदी, नारंगी नदी, भंवरडीह नदी, अटेम नदी, रेड़ नदी, सेमरखाड़ नदी, भूपका नदी और महान नदी शामिल है। सेन्दुर नदी, बरन नदी, मोरन नदी, सूर्या नदी, कन्हर नदी, भैसुन नदी, पथेल नदी, उभय नदी, बनास नदी, ओदारी नदी और दूध नदी के तट पर भी वृक्षारोपण किया गया है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इन्द्रावती नदी के तट पर 20 हेक्टेयर रकबा में 22 हजार पौधे, शबरी नदी तट के 5 हेक्टेयर रकबा में 5 हजार 500 पौधे, चक्का-बुक्का नदी तट के 5 हेक्टेयर रकबा में साढे पांच हजार पौधे और महानदी तट के 52 हेक्टेयर रकबा में 57 हजार 200 पौधे का रोपण हुआ है। पैरी नदी तट के 30 हेक्टेयर रकबा में 33 हजार पौधों, केलो नदी तट के 1.88 हेक्टेयर रकबा में 780 पौधों, ईब नदी तट के एक हेक्टेयर रकबा में 200 पौधों, जोंक नदी तट के 40 हेक्टेयर रकबा में 44 हजार पौधों और हसदेव नदी तट के 42 हेक्टेयर रकबा में 46 हजार 200 पौधों का रोपण किया गया है।
तान्दुला नदी तट के 30 हेक्टेयर रकबा में 33 हजार पौधों, नारंगी नदी तट के 44 हेक्टेयर रकबा में 48 हजार 671 पौधों, भंवरडीह नदी तट के 27 हेक्टेयर रकबा में 29 हजार पौधों, अटेम नदी तट के 20 हेक्टेयर रकबा में 22 हजार पौधों और रेड़ नदी तट के 150 हेक्टेयर रकबा में एक लाख 65 हजार पौधों का रोपण हुआ है। सेमरखाड़ नदी के 25 हेक्टेयर रकबा में 27 हजार 500 पौधों, भूपका नदी तट के 25 हेक्टेयर रकबा में 27 हजार 500 पौधों, महान नदी तट के 70 हेक्टेयर रकबा में 77 हजार पौधों और सेन्दुर नदी तट के 135 हेक्टेयर रकबा में एक लाख 49 हजार पौधों का रोपण किया गया है।
बरन नदी तट के 35 हेक्टेयर रकबा में 38 हजार 500 पौधों, मोरन नदी तट के 25 हेक्टेयर रकबा में 27 हजार 500 पौधों और सूर्या नदी तट के 10 हेक्टेयर रकबा में 11 हजार पौधों का रोपण हुआ है। कन्हर नदी तट के 10 हेक्टेयर रकबा में 11 हजार पौधों, भैसुन नदी तट के 30 हेक्टेयर रकबा में 33 हजार पौधों, पथेल नदी तट के 10 हेक्टेयर रकबा में 11 हजार पौधों, उभय नदी तट के 10 हेक्टेयर में 11 हजार पौधों, बनास नदी तट के 70 हेक्टेयर रकबा में 77 हजार पौधों, ओदारी नदी तट के 25 हेक्टेयर रकबा में 27 हजार 500 पौधों और दूध नदी तट के एक हेक्टेयर रकबा में 830 पौधों का रोपण किया गया है।
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