- राज्य शासन द्वारा महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की नीति हो रही सफल
- महिलाएं व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्र होकर सशक्तिकरण की दिशा में गढ़ रही नई कहानी
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
राजनांदगांव / जिले में गठित किये गए स्वसहायता समूहों की महिलाएं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर स्वावलंबन की मिसाल पेश कर रही हैं। स्वसहायता समूहों की महिलाओं के जज्बे को देखते हुए बैंकों से कुल 107 करोड़ 75 लाख रुपए का लोन मिला है। इन महिलाओं ने आर्थिक गतिविधियों के लिए विभिन्न मशीनरी स्थापित की और व्यवसायिक गतिविधियों में शामिल होकर सशक्तिकरण की नई कहानी गढ़ रहीं हैं। महिलाएं अपने कारोबार में होने वाले फायदे से बैंकों को लोन का भुगतान भी कर रही हैं। आत्मनिर्भर होकर परिवार का सहारा भी बन रहीं है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच के अनुरूप कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने जिले भर में गांवों के गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में स्थापित करने की पहल शुरू की। प्रशासन के सहयोग से जिले की महिलाओं ने इस वर्ष प्रदेश में सर्वाधिक 107 करोड़ 75 लाख रुपए का ऋण लिया और कई मशीनें लगाकर आर्थिक गतिविधियां तेज कर दी। नतीजा ये है कि गौठान अब रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित हो रहे हैं। महिला समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री की बिक्री के लिए प्रशासन की मदद से बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। स्कूल, छात्रावास, आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित बाजारों में ये सामग्री बेची जा रही है।

जिले में लोन लेने वाले समूहों की संख्या 6 हजार 557 है। स्वससहायता समूहों को प्रदान बैंक लोन के विरूद्ध एनपीए का प्रतिशत केवल 3.09 प्रतिशत है। यह राज्य में स्वसहायता समूह को दिये गए बैंक लोन के विरूद्ध एनपीए से भी कम है। पिछले वित्तीय वर्ष में स्वसहायता समूह की महिलाओं ने 94 करोड़ 48 लाख रुपए का लोन लिया था। जिले में बीते वर्षों में अब तक कुल 16 हजार 674 स्वसहायता समूहों को लगभग 380 करोड़ रुपए का लोन दिलाया गया है। स्वसहायता समूहों द्वारा 265 करोड़ रुपए का लोन चुकाया जा चुका है। लोन की शेष राशि भी जमा की जा रही है।
जिले की महिलाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर बनाई अपनी पहचान
जिले की महिलाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। यहां के स्वसहायता समूह को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। इस वर्ष डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम सोनेसरार की आस्था संकुल संगठन की स्वसहायता समूह को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विज्ञान भवन दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। स्वसहायता समूह की महिलाएं गौठानों से जुड़कर कई तरह के उत्पाद तैयार कर रही है। मसाला, हर्बल गुलाल, चंदन, फिनाईल, साबुन, बड़ी, पापड़, अचार, मुर्गी पालन, बकरी पालन, मछली पालन, मशरूम उत्पादन, बांस हस्तशिल्प वस्तु निर्माण, तार फैंसिंग, सीमेंट पोल, सब्जी उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर रहीं हैं।
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal