मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में सहकारिता फलने-फूलने और सहकारिता के क्षेत्र में बैंकिंग की गतिविधियां बढ़ाने के लिए सहकारी बैंक की शाखाएं और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की संख्या बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जशपुर जिले के कुनकुरी और रायगढ़ जिले के लैलूंगा में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, कृषि ऋण के वितरण के साथ गोधन न्याय योजना को भी सहकारिता क्षेत्र से जोड़ा गया है। अब राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना को भी सहकारिता क्षेत्र से जोड़ा जा रहा है। लघु वनोपजों की खरीदी, कोदो-कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी से सहकारिता के क्षेत्र को काफी बढ़ावा मिला है।

इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर भी सीएम हाउस में उपस्थित थे। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव कुनकुरी विधायक यू.डी.मिंज, पत्थलगांव विधायक रामपुकार सिंह, जशपुर विधायक विनय कुमार भगत, लैलूंगा विधायक चक्रधर सिंह सिदार, धरमजयगढ़ विधायक लालजीत सिंह राठिया, रायगढ़ विधायक प्रकाश शक्राजीत नायक कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से जुड़े।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त का भुगतान 31 मार्च को किया जाएगा। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन गोधन न्याय योजना और राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के हितग्राहियों को भी राशि का भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लैलूंगा और कुनकुरी में अपेक्स बैंक की नई शाखा प्रारंभ होने से इस क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और आदिवासी भाई-बहनों के समय और धन की बचत होगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों से वर्मी कंपोस्ट का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने का आव्हान किया। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और भूमि की कठोरता में कमी आएगी जिससे फसल की गुणवत्ता अच्छी होगी। सॉइल हेल्थ में सुधार के लिए भी वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करना होगा। पिछले साल रासायनिक खाद की कमी की समस्या पूरे देश में थी। छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर से हमारे गौठानों में तैयार लगभग 8 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट किसानों को सहकारिता के माध्यम से वितरित किया गया।

इसके कारण छत्तीसगढ़ के किसानों को खाद की कमी नहीं हुई। रूस-यूक्रेन की लड़ाई के कारण इस साल भी रासायनिक खाद की कमी हो सकती है। हमें इस समस्या से निपटने के लिए पहले से तैयारी करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान और पशुपालक ज्यादा से ज्यादा गोबर गौठानों में विक्रय करें, जिससे अधिक वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन हो सके और वर्मी कम्पोस्ट किसानों को उपलब्ध हो सके। सभा को सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम भी संबोधित किया। अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।