मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैठक में अभियान के लिए छत्तीसगढ़ में की जा रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। भारत सरकार के निर्देशों के आधार पर प्रदेश में तैयारियां की जा रही हैं। अभियान में सामाजिक संगठनों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी उपक्रमों, कारपोरेट जगत की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। सार्वजनिक उपक्रमों, निजी उपक्रमों, कारपोरेट जगत को सीएसआर मद से इस अभियान में भागीदारी और योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। खादी ग्रामोद्योग और हाथ करघा विभाग, स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तिरंगा का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे उन्हें और स्थानीय दर्जियों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 60 लाख परिवार हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए जिलेवार लक्ष्य तय कर कार्ययोजना बनाई गई है। पांपलेट, बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स और सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मुख्य सचिव ने भी कलेक्टरों की बैठक लेकर उन्हें इस अभियान की तैयारियों के संबंध में दिशा निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान और इसके बाद भी झंडे की गरिमा और सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, संस्कृति विभाग के सचिव अंबलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. एस. भारती दासन और संचालक संस्कृति विवेक आचार्य भी उपस्थित थे।