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कांकेर से लौटते ही वोरा देर रात कलेक्टर निवास पहुंचे : नगर निगम की कार्रवाई पर नाराजगी जताई … साफ कहा – दुर्ग की जनता के साथ अन्याय हुआ तो विरोध में सड़क पर उतरूंगा …

  • तोड़फोड़ की कार्रवाई कर आम जनता को डराने का प्रयास न करे प्रशासन
  • प्रशासनिक तंत्र का काम जनता को राहत और सुविधाएं देने का है, जुर्माना वसूलने, जमीन, मकान की नापजोख कर डराने का नहीं
  • किसी गरीब की रोजी-रोटी न उजाड़ें, व्यवसाइयों और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं दें 

द सीजी न्यूज

वोरा ने कल मंगलवार को देर रात भानुप्रतापपुर से लौटकर सीधे कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा से मुलाकात की। रात 10 बजे कलेक्टर निवास पहुंचे वोरा ने करीब एक बजे तक कलेक्टर से चर्चा की। कलेक्टर निवास में प्रशिक्षु आयुक्त आईएएस लक्ष्मण तिवारी की मौजूदगी में वोरा ने कलेक्टर से कहा कि दुर्ग में अतिक्रमण हटाने के नाम पर अनावश्यक तोड़फोड़ की कार्रवाई तत्काल रोकें। गरीबों के कारोबार या रोजी-रोटी उजाड़ने की कार्रवाई किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिए। चर्चा के दौरान वोरा ने साफ कहा कि दुर्ग की जनता के साथ इस तरह का अन्याय नहीं होने देंगे। कार्रवाई नहीं रोकी गई तो वे आम जनता के साथ सड़क पर उतर जाएंगे। कलेक्टर ने वोरा को आश्वस्त करते हुए कहा है कि कार्रवाई नहीं होगी। 

वोरा ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के नाम पर लोगों के घर या व्यवसायिक संस्थानों की नापजोख कर जनता को डराने का काम न करें। जिला प्रशासन और नगर निगम का काम जनसामान्य को राहत और सुविधाएं देना है। छोटे-बड़े व्यवसाइयों की दुकानों में अनावश्यक तोड़फोड़ या जुर्माना लगाने की बजाय अधिकारी विकास कार्यों पर ध्यान दें। वोरा ने कहा कि जिनके व्यवसाय तोड़े गए हैं, उनका व्यवस्थापन फौरन किया जाए। वोरा ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार लोगों को रोजगार देने में विश्वास करती है, रोजगार छीनने में नहीं। नगर निगम प्रशासन भी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के अनुसार कार्य करें।     

वोरा ने कहा कि दुर्ग शहर के हर व्यक्ति को वे अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। जब नागरिकों को तकलीफ होती है तो सबसे ज्यादा पीड़ा उन्हें होती है। आम जनता को अकारण नोटिस न दें। जुर्माना लगाने, मकान या दुकान की नापजोख कर डराने और तोड़फोड़ की कार्रवाई किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिए। शहर को व्यवस्थित करने का काम होना चाहिये लेकिन यह कार्य आम जनता को विश्वास में लेकर किया जाना चाहिए। अधिकारियों का फोकस शहर के विकास पर होना चाहिए। वोरा ने कहा कि व्यवसाइयों के कारोबार पर चोट करना गलत है। छोटे कारोबारियों के व्यवसाय बंद किये जा रहे हैं। जिन गरीबों को उजाड़ा गया है, उन्हें व्यवस्थापित कर रोजी रोटी कमाने दें।

वोरा ने कहा कि सीएम भूपेश बघेल ने शहर के विकास कार्यों के लिए नगर निगम को भरपूर राशि दी है। विकास कार्यों के लिए हाल ही में  7 करोड़ रुपए मिले। इसके अलावा वार्डों में विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए दिये गए। इसके बाद 22 करोड़ रुपए मिले। सीएम भूपेश बघेल ने सड़कों की हालत सुधारने के लिए 5 करोड़ रुपए और दिये। विधायक निधि से 4 करोड़ रुपए शहर विकास के लिए लगातार स्वीकृत किये जा रहे हैं। इस राशि से शहर में विकास कार्य तेजी से कराना अधिकारियों का काम है। आम जनता और व्यवसाइयों को परेशान न किया जाए। वोरा ने कहा कि शहर के नागरिकों को धूल और गड्‌ढे की समस्या नागरिकों को हो रही है, शहर की सड़कें तत्काल दुरुस्त कराएं। ठगड़ा बांध पिकनिक स्पॉट, गौरवपथ का उन्नयन व सौंदर्यीकरण, मुक्तिधाम मार्ग का डामरीकरण, एसटीपी, पुलगांव नाले को डायवर्ट करने और शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने जैसे कार्य प्राथमिकता से किये जाएं।

पद आते हैं … चले जाते हैं … पद की नहीं दुर्ग की जनता की परवाह करता हूं …

वोरा ने कहा कि उनके पिता मोतीलाल वोरा कहा करते थे कि पद आते है, चले जाते हैं। विधायक होने के नाते वे खुद भी अपने पिता की तरह पद की परवाह नहीं करते, दुर्ग की जनता की परवाह करते हैं। वोरा ने दोहराया कि जब तक वे जीवित हैं, दुर्ग की जनता की सेवा करते रहेंगे। जिस तरह की कार्रवाई की जा रही है, उससे उन्हें अंतर्मन से गहरा दुख हुआ है।

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