मनोज झा ने कहा कि मणिपुर में लोगों की इकलौती मांग है कि न्याय के साथ शांति बहाल हो। हम मणिपुर में न्याय चाहते हैं। हमारी एकमात्र मांग है कि दोनों समुदाय सद्भाव से रहें। मणिपुर में स्थिति खौफनाक, दर्दनाक और पीड़ादायक है। संसद में पहले ही चर्चा हो चुकी है कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को मणिपुर का दौरा करना चाहिए।
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही मणिपुर के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठा रहे हैं। दिल्ली और देश के बाहर भी बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं। लोगों के घरों में खाना और दवाइयां नहीं हैं। बच्चों के पास पढ़ने के लिए कोई सुविधा नहीं है। कॉलेज के छात्र कॉलेज नहीं जा सकते। दो समुदायों के बीच लड़ाई को खत्म करने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं।
जेडीयू सांसद राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि दोनों समुदायों में असुरक्षा की भावना और विश्वास की कमी है। 3 मई के बाद से घटनाएं हुईं, लेकिन राज्य सरकार ने इसे नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि राज्यपाल से मुलाकात में हमने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक अखिल भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल यहां आए।
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