- बस्तर से सरगुजा तक कर्मचारियों का हल्ला बोल
द सीजी न्यूज
प्रदेश के कर्मचारियों के लिए मोदी की गारंटी पर अमल करने की मांग को लेकर आज जिला प्रशासन के अधिकारियों को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा। फेडरेशन के घटक संगठनों के पदाधिकारियों ने राज्य के सभी जिलों में रैली-प्रदर्शन करते हुए मोदी की गारंटी को पूरा करने की मांग की।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन दुर्ग संभाग प्रभारी राजेश चटर्जी, संयोजक विजय लहरे व प्रवक्ता अनुरूप साहू ने बताया कि फेडरेशन का एक ही सूत्र है – अन्याय के विरुद्ध संघर्ष। कर्मचारियों के साथ जब-जब अन्याय होगा, तब-तब फेडरेशन का आंदोलन होगा।उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश के कर्मचारियों के लिए प्रमुख वादे मोदी की गारंटी में घोषणा किया गया था कि सरकार बनने पर शासकीय सेवकों और पेंशनरों को केन्द्र के समान महँगाई भत्ता व महँगाई राहत दिया जायेगा। लंबित डी ए एरियर्स की राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समयोजित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2023-24 के अनुपूरक बजट में 13487 करोड़ 4 लाख 91 हजार 207 रुपयों का प्रावधान किया गया था। राज्य का कर्मचारी 9 फरवरी को वित्त मंत्री के बजट भाषण को टकटकी लगाए बड़े उम्मीद से सुन रहा था। लेकिन, बजट भाषण के पिटारा में से कर्मचारियों के लिये कुछ भी नहीं निकला। कर्मचारियों के हिस्से में केवल निराशा आई। उन्होंने बताया कि सातवे वेतनमान की अंतिम किस्त का भुगतान लंबित है। सातवां वेतनमान 1 जनवरी 2016 से लागू किया गया था। कर्मचारियों के माँगों पर गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक हो, यह फेडरेशन का मुद्दा है। फेडरेशन 4 मुद्दों पर सरकार का ध्यानाकर्षण कर रहा है। यदि इन मुद्दों पर सरकार ने निर्णय नहीं लिया तो फेडरेशन द्वारा अगले चरण में राज्यव्यापी प्रभावी हड़ताल-आंदोलन किया जाएगा।
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal

