
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर बस्तर कांकेर में दुधावा डेम पर निर्मित इको लर्निंग सेंटर और महासमुंद जिले में कोडार जलाशय पर निर्मित इको पर्यटन स्थल का वर्चुअल लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संबंधित क्षेत्र की वन प्रबंधन समिति को वन क्षेत्र में जलाशय के पास खुबसूरत पर्यटन क्षेत्र विकसित करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। इन स्थलों पर पर्यटक आकर्षित होंगे और कुदरत का नजारा देख सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों पर्यटन स्थल जन सामान्य में वन्यजीव और जैव विविधता की जानकारी देने के साथ ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने में अवश्य सफल होंगे। इको पर्यटकों स्थल वन चेतना केन्द्र कोडार में 39 लाख 14 हजार रुपए के कार्य किये जा चुके हैं। 40 लाख रुपए के कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में पहुंच मार्ग उन्नयन, वाटर सप्लाई सिस्टम, मचान, ट्री हाउस, नेचर ट्रेल, बर्ड वाचिंग और मोटर बोट की सुविधा के विकास कार्य प्रगति पर हैं। पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां वन परिवेश में रहने और साहसिक शिविर आयोजित करने की सुविधा उपलब्ध है।
वन चेतना केन्द्र कोडार राजधानी रायपुर से 65 किलोमीटर, महासमुंद मुख्यालय से 17 किलोमीटर और सिरपुर नगरी से 20 मीटर की दूरी पर नेशनल हाईवे क्रमांक 53 पर स्थित है। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए एडवेंचर, मनोरंजन, स्वास्थ्य लाभ, संस्कृति पर्यावरण संचेतना और स्थानीय रोजगार के विकास की सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्यटकों के ठहरने के लिए नाईट कैम्पिंग, कैम्प फॉयर और स्टार गेजिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मनोरंजन के लिए बॉलीवाल, नेट क्रिकेट, बैडमिंटन, कैरम, शतरंज, निशानेबाजी की व्यवस्था की गई है। नौका विहार, बैम्बू रॉफ्टिंग और पर्यटकों के स्वाल्पाहार के लिए स्थानीय छत्तीसगढ़ी व्यंजन और सुपाच्य भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है। ऊंची-ऊंची पहाड़ियों के बीच से घिरे जलाशय स्थल पर सनसेट देखने का सुकून भरा अनुभव, सेल्फी जोन और फिशिंग का आनंद पर्यटकों द्वारा लिया जा सकेगा। केन्द्र में जिले के स्व सहायता समूहों द्वारा बनाए उत्पादों और संजीवनी के उत्पादों के विक्रय की सुविधा का विकास भी किया जा रहा है। स्थल के समीप खल्लारी माता का मंदिर स्थित है, जहां पर्यटकों द्वारा दर्शन भी किया जा सकता है।
कांकेर जिले के दुधावा जलाशय में स्थित इको लर्निंग सेंटर में पर्यटकों के ठहरने, खान-पान के लिए रेस्टॉरेंट, एडवेंचर के लिए दो मोटर बोट से शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां पर ट्रेकिंग की व्यवस्था भी की गई है। इस केन्द्र में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस स्थल को इको पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री को केन्द्र के उद्घाटन के अवसर पर वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष देवचंद भास्कर ने बताया कि यहां की सुंदरता को देखकर पर्यटक आकर्षित होंगे। सेंटर खोलने से लोगों को रोजगार मिलेगा। दुधावा की सरपंच श्याम नेताम ने कहा कि इस क्षेत्र को इतने सुंदर ढ़ंग से विकसित किया है कि ऐसा लगता है कि हम मिनी गोवा आ गए हैं।
दुधावा में आयोजित कार्यक्रम को संसदीय सचिव शिशुपाल सिंह सोरी और कोडार में संसदीय सचिव विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी, संबंधित क्षेत्र वन प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. रेणु जी. पिल्ले, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, ग्रामोद्योग विभाग की प्रमुख सचिव मनिन्दर कौर, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डी.डी. सिंह, वित्त विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी., कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) पी. व्ही. नरसिंह राव सहित अधिकारीगण उपस्थित थे।
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