
- सरईपतेरा जिला स्तरीय जन चौपाल में कलेक्टर-एसपी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी
- पंचायतों में 74 लाख 88 हजार रुपए के कार्यों की दी स्वीकृति
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
राजनांदगांव/ कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा आज सुदूर वनांचल क्षेत्र छुईखदान विकाखण्ड के ग्राम सरईपतेरा में जिला स्तरीय जनचौपाल में पहुंचे और विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति की मांग और समस्याओं को विस्तार से सुना। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डी श्रवण उनके साथ थे। कलेक्टर ने जनचौपाल में लोगों की समस्याएं सुनने के बाद त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिये।

जन चौपाल में पंचायतों में 74 लाख 88 हजार रूपए की कार्यों की स्वीकृति दी गई। कलेक्टर ने कहा कि सुदूर वनांचल क्षेत्र में जिलास्तरीय जनचौपाल लगाने का उद्देश्य जिले के अंतिम छोर में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजातीय लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। प्रयास है कि शिविर के माध्यम से प्रत्येक व्यक्तियों तक योजना का लाभ पहुंचे। इन क्षेत्रों के नागरिकों की समस्याओं को सुनने के बाद संबंधित विभागों के माध्यम से समाधान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में विशेष कार्ययोजना बनाकर उनके जीवन स्तर को उन्नत बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप सभी किसानों का प्राथमिकता से धान खरीदना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। सभी धान खरीदी केंद्रों में पूरी व्यवस्था की गई है। बारदाना का मूल्य 18 रुपए से बढ़ाकर 25 रुपए कर दिया गया है। किसानों की सुविधा के लिए इस वर्ष प्रारम्भ से ही धान का उठाव किया जा रहा है। नए धान खरीदी केन्द्र भी खोले गए हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। शिक्षा से ही सफल होने का रास्ता बनता है। अपने बच्चों को अच्छा नागरिक बनाना है, जिससे बच्चे बड़े होकर स्वावलंबी और आत्मनिर्भर हो सकें। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा स्वास्थ्य और अच्छा पोषण देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। जिले में कुपोषित बच्चे और एनीमिक माताएं बड़ी चुनौती है। प्रशासन द्वारा इसे दूर करने छुईखदान में विशेष अभियान चलाकर पौष्टिक भोजन और सुपोषण किट का वितरण घरों में किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोरोना के नये वैरिएंट की संभावना को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 टीका के दोनो डोज लगाना अनिवार्य है। जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है, वे टीका जरूर लगाएं। मास्क लगाना और समय-समय पर साबुन से हाथ धोते रहें। प्रशासन इन क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। साल्हेवारा में एमबीबीएस डॉक्टर की पदस्थापना की गई है। वहीं स्कूलों में शिक्षक की व्यवस्था कराई गई है। छुईखदान में सभी पटवारियों के पदों पर पदस्थापना कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने कहा कि जिले के अंतिम क्षेत्र के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए शिविर का आयोजन किया गया है। जनचौपाल के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का लाभ जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। विकास, विश्वास और सुरक्षा से पुलिस का कार्य जुड़ा होता है। विश्वास से ही कार्य आगे बढ़ते हैं और सुरक्षा के वातावरण से विकास होता है। तीनों पहलू सार्थक रूप से चलते हैं। कोई भी समस्या होने पर समीप थाना में अपना शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिला पंचायत के सीईओ लोकेश चंद्राकर ने कहा कि जनचौपाल के माध्यम से आवेदन प्राप्त कर विभिन्न विभागों द्वारा निराकरण किया जाएगा।
जनचौपाल में पंचायतों में 74 लाख 88 हजार रुपए की कार्यों की स्वीकृति दी गई। विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एनीमिक महिलाओं को पोषण किट का वितरण किया गया। नोनी सुरक्षा योजना के तहत प्रमाण पत्र, कृषि विभाग द्वारा किसानों को सरसों बीज, समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजनों को साल, श्रीफल और स्टिक, पुलिस विभाग द्वारा स्कूल के बच्चों के लिए वॉलीबाल व क्रिकेट किट का वितरण किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर लगाया गया, जिसमें कोरोना टीकाकरण सहित सामान्य बीमारियों की जांच की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य ममता, एसडीएम छुईखदान सुनील शर्मा, जनपद सीईओ प्रकाश तारम सहित जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी व ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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