विकास के लिए आवश्यक है पानी का प्रबंधन:
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि पानी विकास की आधारभूत आवश्यकता है। इस विकास की जिम्मेदारी आप जैसे अभियंताओं के कंधों पर है। चौबे ने कहा कि आपको बदलती हुई तकनीक के अनुसार खुद को भी हर दिन अपडेट करते रहना होगा ताकि आपकी क्षमताओं में विस्तार होता रहे। प्रशिक्षण सत्र में नवनियुक्त 44 सहायक अभियंताओं और 6 सहायक भू-जलविदों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 15 दिनों तक चलने वाला आधारभूत प्रशिक्षण सत्र 14 फरवरी से प्रारंभ होकर 4 मार्च 2022 तक चलेगा। प्रशिक्षण में कार्यालयीन व्यवस्था, स्थापना, लेखा, प्रशासनिक सेटअप, प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारों और तकनीकी विषयों जैसे डिजाइन, ड्राइंग, प्राक्कलन, सीएसआर, स्पेसिफिकेशन, गुणवत्ता परीक्षण आदि विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यस्थल का भ्रमण कराने का कार्यक्रम भी तय है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जल संसाधन विभाग के सचिव अन्बलगन पी. ने की। उन्होंने कहा कि अभियंताओं को खुद में समय के साथ बदलाव करते रहना होगा, ताकि वो आगे जाकर बड़ी जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार रहें। इस मौके पर विभाग के मुख्य अभियंता इंद्र कुमार उइके, महानदी परियोजना के प्रमुख अभियंता आरके नगरिया समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।