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छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त एम के राउत और राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का समय पर पालन न करने और समय पर आवेदक को जानकारी उपलब्ध न कराने के कारण चार जनसूचना अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि अर्थदंड की राशि तत्काल जमा कर चालान की प्रति आयोग को प्रेषित करें।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत ठाकुर पाली के यशवंत श्रीवास ने सचिव ग्राम पंचायत (जनसूचना अधिकारी ठाकुरपाली जनपद पंचायत डभरा, जिला जांजगीर-चाम्पा) को 15 जुलाई 2020 में आवेदन देकर स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत ठाकुरपाली में बनाए गए शौचालय निर्माण और वयय राशि की जानकारी मांगी थी। नियत समय पर आवेदक को कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। इस मामले में अपील करने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी ने 7 सितम्बर 2020 को निर्णय दिया, लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया और अपीलार्थी को जानकारी भी नहीं दी गई।

प्रथम अपीलीय अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट होकर आवेदक ने द्वितीय अपील आयोग में किया। मुख्य सूचना आयुक्त एम के राउत ने आयोग की सुनवाई में जनसूचना अधिकारी के उपस्थित न होने ओर जवाब न देने को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जनसूचना अधिकारी ग्राम पंचायत ठाकुरपाली पर 25 हजार रूपए अर्थदण्ड वसूलने के आदेश दिये।

इसी प्रकार नीलेश कुमार साहू (जांजगीर) ने ग्राम पंचायत बनारी ने सचिव ग्राम पंचायत (जनसूचना अधिकारी) बनारी को 10 जुलाई 2018 में आवेदन कर जीपीडीपी योजना के अन्तर्गत वर्ष 2016-17 में किये गये कार्य की प्रमाणित छायाप्रति की मांग की। जानकारी न मिलने के कारण आवेदक ने प्रथम अपीलीय अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नवगढ़ को 24 अगस्त 2018 को आवेदन किया। इस मामले में भी तत्कालीन जनसूचना अधिकारी को 25 हजार रूपए अर्थदण्ड अधिरोपित किया।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत शरद देवांगन (बेलादुला, रायगढ़) ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत करतला (जन सूचना अधिकारी) 22 जनवरी 2018 को प्रस्तुत आवेदन में लेखा संधारण अभिलेख और अन्य पंजियों के संधारित व अद्यतन होने के प्रमाणपत्रों की छायाप्रति की मांग की। आवेदक का वांछित जानकारी समय पर प्राप्त न होने के बाद प्रथम अपीलीय अधिकारी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा, के पास 5 मार्च 2018 को प्रथम अपील प्रस्तुत किया। प्रथम अपीलीय अधिकारी के निर्णय से क्षुब्ध होकर राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील आवेदन किया।
एक अन्य प्रक्ररण में शरद देवांगन ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत करतला (जन सूचना अधिकारी) से जिला कोरबा में पदस्थ सहायक शिक्षक (पंचायत), शिक्षक(पंचायत) तथा व्याख्याता (पंचायत) की सूची की सत्यापित छायाप्रति की मांग की। वांछित जानकारी समय पर प्राप्त न होने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी को आवेदन किया। उन्होंने अपने निर्णय में कहा कि जानकारी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है, इसलिए जानकारी देना संभव नहीं है।
राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने आवेदनों का अवलोकन कर अधिनियम के तहत अपीलार्थी और जनसूचना अधिकारी को सुनने के बाद अपीलार्थी को समय सीमा में जानकारी न देने और आयोग में कोई जबाब प्रस्तुत न करने के साथ ही आयोग के पत्रों का कोई जवाब न देने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत करतला (तत्कालीन जनसूचना अधिकारी) जी के मिश्रा के विरूद्ध धारा 20 (1) के तहत 25-25 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया। इसके साथ ही सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 (2) के तहत कलेक्टर कोरबा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को निर्देश दिया गया है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत करतला, वर्तमान जनसूचना अधिकारी एमएस नागेश के विरूद्ध विभागीय जांच कर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर आयेग को सूचित करें।