द सीजी न्यूज
देश के कई राज्यों में लंपी वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गाय के दूध और उत्पादन पर भी इसका सीधा असर पड़ने लगा है। गाय-भैंसों में लंपी रोग तेजी से फैल रहा है। इससे दूध के कारोबार पर निर्भर किसान बुरी तरह प्रभावित हैं। अब तक इस बीमारी से हजारों मवेशियों की मौत हो चुकी है। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या गाय भैंस के दूध पर भी लंपी वायरस का असर पड़ता है ? दूध का उपभोग करने वालों को क्या एहतियात बरतना चाहिए ?
लंपी वायरस गाय के लिए जानलेवा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंपी वायरस का असर गाय के दूध में अभी तक देखने नहीं मिला है। इसके बावजूद सावधानियां रखने की जरूरत हैं।
ज्यादा देर तक उबालें दूध
विशेषज्ञों का कहना है कि गाय के दूध में मौजूद वायरस को भी खत्म किया जा सकता है। इसके लिए दूध को ज्यादा देर तक उबालना पड़ता है। दूध को उबालने से वायरस पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं। इसमें मनुष्यों के लिए कोई हानिकारक पदार्थ नहीं होता है। हालांकि गाय के दूध का सेवन अगर गाय के बछड़े द्वारा किया जाए तो यह उसके लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे में मवेशियों के बछड़े को अलग कर देना चाहिए।
संक्रमित गाय का लार और खून साथ के अन्य पशुओं को बीमार कर सकता है। वहीं दूसरी ओर लोगों के मन में यह सवाल है कि लंपी रोग से पीड़ित जानवरों के गोमूत्र और गोबर में वायरस के घटक नहीं पाए जाते हैं। विशेषज्ञों की राय है कि इंसानों पर इस वायरस का कोई असर होता नहीं दिख रहा है।
लंपी वायरस से इंसानों को कोई खतरा नहीं
लंपी वायरस से इंसानों को कोई खतरा नहीं है। यह जानवर से जानवर में फैलता है। यह जानवरों के लार और मच्छर के काटने से फैलता है। विशेषज्ञों की राय है कि नीम या हल्दी और घी का लेप लगाने से जानवरों के घाव ठीक हो सकते हैं। इस बीमारी से पीड़ित मवेशी 1 सप्ताह से 10 दिनों में ठीक हो सकते हैं, लेकिन इससे छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका टीकाकरण है। जिससे इसके संक्रमण को तेजी से रोका जा सकता है।
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