द सीजी न्यूज
दुर्ग/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. मेश्राम व सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधिक्षक डा योगेश कुमार शर्मा के सफल मार्गदर्शन और नोडल अधिकारी डॉ. दिव्या श्रीवास्तव आर.बी.एस.के, जिला प्रोग्राम मैनेजर पद्माकर शिंदे के नेतृत्व मे आज डी.ई.आई.सी जिला चिकित्सालय दुर्ग में स्पेशिलिस्ट चिकित्सक डा. समीत राज प्रसाद शिशु रोग विशेषज्ञ, एस.एम.सी हार्ट इंस्टीटयुट के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय चौरसिया और गौरव जैन के सहयोग से चिरायु का जन्मजात हृदय रोग स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित 34 बच्चों की जॉच की गई। इसमें से सर्जरी के लिए 3 बच्चों को चिन्हांकित किया गया। 1 वर्ष बाद 16़ बच्चों की दोबारा जॉच की जाएगी। 15 बच्चों की ईको जॉच नार्मल पाई गई।

अन्य बीमारी से ग्रसित 9 बच्चों का पंजीयन किया गया। इसमें 3 बच्चों को नेत्र संबधी समस्या थी, जिन्हे चश्मा के लिए पंजीकृत किया गया। 1 जन्मजात बधिरता के बच्चे का ई.एन.टी विशेषज्ञ डॉ. रीनु तिवारी द्वारा आगे उपचार हेतु परामर्श और ट्रॉमेटिक मोतियाबिंद का 1 बच्चा मिला जिसका जिला चिकित्सालय के नेत्र विशेषज्ञ द्वारा उपचार हेतु परामर्श और 4 अन्य बीमारी के बच्चो को शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा परामर्श और उपचार के लिए पंजीकृत किया गया।

अप्रैल 2022 से अब तक 69 बच्चों का चिरायु योजना के अंर्तगत इलाज किया गया है। 5 बच्चे का कॉकलियर इंप्लांट हुआ है जिनका निरंतर स्पीच थैरेपी डी.ई.आई.सी मे दिया जा रहा है, ताकि वे बच्चे अन्य सामान्य बच्चों की तरह सुन सकें और सामान्य जिन्दगी जी सकें। 35 बच्चे का जन्मजात हृदय रोग की जटिल सर्जरी कराई गई। जिला चिकित्सालय दुर्ग मे नेत्र विभाग के नेत्र सर्जन डॉ. कल्पना जेप द्वारा 8 बच्चों का जन्मजात मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। 11 बच्चों के कटे-फटे होठ और तालु का, 10 बच्चों की हर्निया और युरोजनाईटल की सर्जरी निःशुल्क कराई गई है। 69 बच्चे जिनको जन्मजात विकृती थी, वे चिरायु की मदद से अब सामान्य जिन्दगी जी सकेंगे। कैम्प को सफल बनाने में डी.ई.आई.सी टीम और चिरायु दल का विशेष योगदान रहा।
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