प्रियंका ने कहा – भाजपा सरकार का बुलडोजर इंसानियत के लिए खतरा
मैथा तहसील के मड़ौली गांव में हुई दर्दनाक घटना पर प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार का बुलडोजर इंसानियत व संवेदनशीलता के लिए खतरा बन चुका है। भाजपा सरकार के बुलडोजर पर अमानवीयता का चश्मा लगा है, जो इंसानियत व संवेदनशीलता के लिए खतरा बन चुका है। कानपुर की हृदयविदारक घटना की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। हम सबको इस अमानवीयता के खिलाफ आवाज उठानी होगी। पीड़ित परिवार को न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
शिवपाल सिंह यादव ने सरकार पर बोला हमला
सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा – कानपुर में अतिक्रमण हटाने पहुंचे प्रशासन के सामने ही मां-बेटी ने आग लगाकर जान दे दी और पुलिस तमाशा देखती रही। अतिक्रमण हटाने व बुलडोजर के जोश में प्रशासन आखिर अपना होश क्यों खो रहा है। क्या ‘महिला सशक्तिकरण’ व ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की बात केवल कागजी नीति है? समाजवादी पार्टी ने कहा है – योगी आदित्यनाथ सरकार में ब्राह्मण परिवारों को निशाना बनाया जाता है। दलितों और पिछड़ों की तरह ब्राह्मण भी योगी सरकार के अत्याचारों के निशाने पर हैं।
क्या अमृतकाल ऐसा होता है ? – इमरान प्रतापगढ़ी
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने लिखा कि ये तस्वीर कानपुर के लाचार कृष्ण गोपाल दीक्षित की है जिनकी बेटी और पत्नी ने अपनी झोपड़ी बचाने के लिये ख़ुद को ज़िंदा जला लिया। क्या अमृतकाल एैसा होता है? बुलडोज़र तंत्र देश के लोकतंत्र और संविधान को कुचल रहा है, बुलडोज़र का जश्न मनाने वालों के मुंह पर तमाचा है ये तस्वीर।

फिल्ममेकर विनोद कापड़ी ने लिखा – ”भयावह बुलडोज़र चलता रहा, प्रमिला दीक्षित जलती रही। बुलडोज़र चलता रहा, नेहा दीक्षित जलती रही। ये हत्या है .. हत्या।” पत्रकार हिमांशु मिश्रा ने कमेंट किया – कानपुर देहात की डीएम साहिबा, एसएसपी को ये आग में ख़ाक हो चुकी दो लाशों और उस झोपड़ी की तस्वीर भेंट करनी चाहिए … जिसे तबाह करने के लिए इनके अफ़सरों ने ज़बर्दस्त उत्साह दिखाई। बधाई हो मैडम। पत्रकार शुभम शुक्ला ने लिखा कि सत्ता के रहनुमाओं को जीवन भर यह तस्वीर चिढ़ाएगी। उन्हें बताएगी कि जब मेरा आशियां उजड़ रहा था। मेरा परिवार बिखर रहा था। तब आप AC कमरों में बैठकर अफसरशाही झाड़ रहे थे। बेबस लाचार गरीब इंसान करे भी तो क्या?