द सीजी न्यूज
दुर्ग / संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की 132 वीं जयंती के अवसर पर सम्राट अशोक बुद्ध विहार भिलाई 3 में आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डॉक्टर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के प्रारंभिक शिक्षा से लेकर जीवन पर्यंत संघर्ष का उल्लेख किया। उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को जीवन पर्यंत समाज के आखिरी पायदान पर संघर्षरत व्यक्ति के लिए लड़ने वाला महामानव बताया। उन्होंने युवाओं को डॉक्टर अंबेडकर के शिक्षा, एकता व संघर्ष के मूल मंत्र को अपनाने कहा। मुख्यमंत्री ने कहा डॉक्टर अंबेडकर की जयंती पूरे विश्व में मनाई जाती है, उनके त्याग से सभी परिचित हैं। अंतिम समय में उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया और प्रज्ञा, करुणा व मैत्री का प्रचार प्रसार किया। उन्होंने जो कार्य किए, सब मील का पत्थर साबित हुए।


मुख्यमंत्री ने स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माता डॉक्टर अंबेडकर को बहुआयामी प्रतिभा का धनी बताया। संविधान निर्माण के बाद डॉ अंबेडकर ने कहा था कि संविधान कितना भी अच्छा हो, लेकिन परिणाम इसे लागू करने वालले व्यक्ति के ऊपर निर्भर करता है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनों से अपील की कि संविधान की रक्षा के लिए सब एक साथ आगे आएं।
मुख्यमंत्री ने डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
पावर हाउस भिलाई चौक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डॉ बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 40 वर्ष पूर्व अष्ट धातु से निर्मित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस अवसर पर ऑल इंडिया सेल एससी-एसटी इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील हरिचंद्र रामटेके व समाज के अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण उपस्थित थे।
बाबा साहब के दिखाये रास्ते पर चलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था की निरंतर मजबूती के लिए करें काम
बुद्ध विहार सेक्टर 6 भिलाई में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब के दिखाये रास्ते पर चलकर हमें लोकतांत्रिक व्यवस्था की निरंतर मजबूती के लिए कार्य करना है। उनके जैसा संघर्ष विरले ही कर पाते हैं। उनके मूल्यों पर चलकर अपने लोकतंत्र को सुदृढ़ करने निरंतर काम करना होगा। भारत में बाबा साहब अंबेडकर ने जो संविधान बनाया, उसमें सबकी सुनी गई और सबसे अच्छे आदर्शों को संविधान में शामिल किया गया। बाबा साहेब अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन देश सेवा में लगाया। बाबा साहब ने जो संविधान बनाया, उसमें अंतिम व्यक्ति की आवाज भी सुनाई देती है और उसका असर होता है। बाबा साहब हमेशा संगठित होने और शिक्षा पर जोर देते थे। उनका कहना था कि एक शिक्षित राष्ट्र ही महानता की ओर बढ़ता है। साथ ही प्रज्ञा और करुणा का संदेश भी दिया। जब आपके भीतर करूणा जगती है तो आप बड़े उद्देश्यों के लिए उठते हैं और संगठित होते हैं। आजाद भारत में हम इस उद्देश्य को लेकर बढ़े। खेती किसानी संबंधी सुधार किये। औद्योगिक परिदृश्य को बेहतर करने के लिए कार्य किया। आजादी के तुरंत बाद छत्तीसगढ़ में और प्रदेश के बाहर बड़े औद्योगिक कार्य किये। इस मौके पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल, केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेंद्र साहू, अंत्यावसायी निगम की उपाध्यक्ष नीता लोधी, संभागायुक्त महादेव कांवरे व अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण उपस्थित थे।
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