- लोग याद कर रहे … कोरोना संकटकाल में वोरा ने कायम की थी जनसेवा की मिसाल …
द सीजी न्यूज
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के लिए अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। चुनाव प्रचार अभियान जोरों पर है। मतदाता शांत हैं लेकिन प्रत्याशियों के डोर टू डोर कैंपेन के दौरान मिल रही प्रतिक्रिया से चुनावी हवा का अंदाज लगाया जा रहा है। भाजपा प्रत्याशी गजेंद्र यादव शहरवासियों के दिलोदिमाग में किसी भी तरह का प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं हो पाए हैं।
दूसरी ओर साल के 365 दिन रोज सुबह से रात तक जनसेवा के लिए तत्पर रहने वाले वोरा की सेवा भावना की खुले मन से सराहना हो रही है। शहर की जनता कोरोना के महा संकट काल को भी याद कर रही है। संकट के उस भयावह दौर में पूरे देश में जनप्रतिनिधियों के दरवाजे बंद हो गए थे। लेकिन, वोरा उस दौर में भी कोविड नियमों का पालन करते हुए लोगों से मिलते रहे।
गौरतलब है कि कोरोना संकट काल में वोरा लगातार जनसेवा में जुटे रहे। कोरोना फैलने का अंदेशा होने के कारण सभी जनप्रतिनिधियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पष्ट कहा गया कि अपने निवास पर आम जनता से मेल-मुलाकात न करें। बाहर न निकलने की हिदायत भी दी गई। लेकिन, वोरा नहीं माने।
अस्पतालों में कोरोना पीड़ितों को भर्ती कराने, बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से लेकर सर्वोत्तम इलाज की व्यवस्था के लिए शासन प्रशासन से पहल करने वाले वोरा ने आर्थिक रूप से परेशान लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था और राशन के पैकेट देने में वोरा की सक्रियता का कोई सानी नहीं रहा। वोरा के जनसेवा के जज्बे और सेवा भावना को याद कर शहरवासी उनकी सराहना कर रहे हैं।
वोरा दो बार कोरोना की चपेट में भी आए। इसके बावजूद वोरा की जनसेवा का जज्बा कम नहीं हुआ। सादगी और सरलता से जनसेवा करने का मिशन वोरा की सबसे बड़ी ताकत है। इस ताकत के आगे गजेंद्र का कैंपेन टिक नहीं पा रहा है।
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