द सीजी न्यूज
भिलाई नगर। छत्तीसगढ़ के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही करते हुए दुर्ग पुलिस द्वारा एक करोड़ 60 लाख 44 हजार से भी अधिक मूल्य की नशीली टेबलेट व सिरप बरामद की गई हैं। अंतर्राज्यीय नशीली दवाईयों के सप्लाई चैन पर राजस्थान के कोटा, बून्दी जयपुर में दुर्ग पुलिस द्वारा छापेमारी की कार्यवाही की गई। आरोपी अंतराष्ट्रीय मार्केट में सप्लाई के लिए डार्क वेब के माध्यम से जुड़े थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राम गोपाल गर्ग द्वारा विशेष टीम गठित कर राजस्थान में कार्यवाही की गई। कार्रवाई के दौरान अल्प्राजोलम टेबलेट 1890 नग बाक्स में कुल 1134000 नग टेबलेट, ट्रामाडोल टेबलेट 320 बॉक्स में 46080 नग टेबलेट बायोकफ सिरप 80 कार्टून में 9600 नग सिरप जब्त किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामगोपाल गर्ग ने आज पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सूखे नशे के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत एनडीपीएस के हर अपराध में पूरी चैन को गिरफ्तार करने की मुहिम चलाई जा रही है। दुर्ग जिले के थाना मोहन नगर के अपराध कमांक 520/2023 8. 22 (ग). 27 (क) नारकोटिक एक्ट में विवेचना के साथ ही राजस्थान जाकर आरोपी की पता साजी की गई। नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग मणिशंकर चन्द्रा के नेतृत्व में प्रशिक्षु उपपुलिस अधीक्षक आकांक्षा पाण्डेय और निरीक्षक विजय यादव, थाना प्रभारी मोहन नगर, उपनिरीक्षक चेतन चन्द्राकर चौकी प्रभारी जेवरा सिरसा, प्रधान आरक्षक जावेद खान, आरक्षक कांति शर्मा, आरक्षक गौरसिंग राजपूत की विशेष टीम भेजी गई थी।
राजस्थान के बून्दी में बॉयोलैब रेमेडिस के संचालक अंकुश पालीवाल द्वारा पूरे देश के विभिन्न राज्यों और अंतराष्ट्रीय मार्केट बांग्लादेश में ऑनलाईन माध्यम से फर्जी कम्पनियों को नशीली दवाईयाँ सप्लाई किया जाता था, जिसे गिरफ्तार किया गया है। अंकुश पालीवाल द्वारा अवैध रूप से जमा किये गये प्रतिबंधित नशीली टेबलेट और सिरप जब्त किया गया है। इसका अवैध मार्केट में रेट 1,60,44,000 रू (एक करोड़ साठ लाख चवालीस हजार रूपये) है। सूखे नशे के खिलाफ छत्तीसगढ़ के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही दुर्ग पुलिस द्वारा की गई है।
इसी अपराध में दुर्ग जिला के वैभव खण्डेलवाल और आकांक्षा खण्डेलवाल द्वारा इण्डिया मार्ट के साइट में जाकर एक फर्जी कम्पनी वैभव फार्मास्यूटिकल बनाया गया था जिनके द्वारा राजस्थान के अंकुश पालीवाल से प्रतिबंधित नशीली दवाईयों मंगाकर ऑनलाईन कम्पनी इण्डिया मार्ट में वाइरस मेडिकोस के नाम से पूरे देश में अवैध रूप से नशीली दवाईयों सप्लाई की जाती थी। उसकी बहन आकांक्षा खण्डेलवाल द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में रिटेल मे बेंचा जाता था। दुर्ग पुलिस द्वारा पूर्व में ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उनसे कड़ाई से पूछताछ करने पर यह बताया गया कि डार्क वेब का उपयोग कर उनको पता चला कि किस प्रकार से फर्जी कम्पनी बनाकर अवैध रूप से नशीली दवाईयों का व्यापार कर पैसा कमाया जा सकता है।
उनके द्वारा अंकुश पालीवाल से सम्पर्क कर अवैध रूप से प्रतिबंधित नशीली दवाईयों ऑनलाईन प्राप्त कर अवैध रूप से बिक्री की जा रही थी। जिन्हें पूर्व में अपराध कमांक 520/2023 धारा 8, 22ग, 27क नारकोटिक एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल एक विशेष टीम गठित कर नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग मणि शंकर चंद्रा के नेतृत्व में राजस्थान बूंदी जिले रवाना किया गया। वहां पर बायोलेब रेमेडिस के संचालक अंकुश पालीवाल को विधिवत गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। उनके द्वारा यह स्वीकार किया गया कि उसके द्वारा अवैध रूप से बने कंपनियों को प्रतिबंधित दवाईयो की सप्लाई किया जा रहा था। उनके द्वारा प्रतिबंधित दवाई जिनके निशानदेही पर दुर्ग पुलिस द्वारा राजस्थान के कोटा, बून्दी और जयपुर में जाकर छोपेमारी की कार्यवाही की गई।
कार्यवाही में नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग मणिशंकर चन्द्रा के नेतृत्व में प्रशिक्षु उपपुलिस अधीक्षक आकांक्षा पाण्डेय और निरीक्षक विजय यादव, थाना प्रभारी मोहन नगर, उपनिरीक्षक चेतन चन्द्राकर चौकी प्रभारी जेवरा सिरसा, प्रधान आरक्षक जावेद खान, आरक्षक कांती शर्मा, आरक्षक गौरसिंग राजपुत, नासिर बख्श कमलेश यादव, प्रधान आरक्षक चंद्रशेखर बंजीर, आरक्षक विकांत यदु की महत्वपूर्ण भूमिका रही और राजस्थान बूंदी जिले के सदर थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार, सउनि शिवराज सिंह, आरक्षक गजानंद का सहयोग रहा।
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