द सीजी न्यूज

छत्तीसगढ़ मुस्लिम समाज के एक प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार 28 फरवरी को राजधानी रायपुर में राज्यपाल बिश्वभूषण हरिचंदन से मुलाकात कर उन्हें रमज़ान में इफ्तार कार्यक्रम में आने की दावत दी और उन्हें राज्य में होने वाली सांप्रदायिक घटनाओ से अवगत कराते हुए चिंता जाहिर की। राज्यपाल हरिचंदन ने प्रतिनिधिमंडल की सारी बातें ध्यान से सुनीं और ज्ञापन में उल्लेखित बिंदुओं पर संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही कराने का वादा किया।
दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव व रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि छत्तीसगढ़ एक शांत प्रदेश है, यहां पर विभिन्न धर्म, जाति एवं भिन्न भिन्न प्रांतो से आए लोग बरसो से आपस में सौहार्द्र पूर्ण वातावरण में रहते आए है। लेकिन हाल की घटनाओं से मुस्लिम समुदाय चिंतित है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राजधानी रायपुर के क़रीब तिल्दा औद्योगिक नगरी में थाने के सामने 23 जनवरी को पुलिस की उपस्थिति में, मदरसे में पढ़ाने वाले धर्म गुरू मौलाना असगर अली के साथ कतिपय असामाजिक तत्वो द्वारा मारपीट की गई। इस पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाए तिल्दा पुलिस ने मौलाना को जेल भेज दिया। इसी तरह ग्राम भोथीडडीह, जिला धमतरी स्थित मदरसा में धमतरी, कुरूद व अन्य स्थानों से एक संगठन के लोगों ने सुनियोजित ढंग से मदरसा व बगल के मकान में तोडफोड की। इस घटना में मगरलोड पुलिस द्वारा मात्र प्रथम सूचना दर्ज करने के बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि तीसरी घटना कवर्धा में मुस्लिम कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल गिराने की है। जिसे नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा ही बनवाया गया था और इसकी निर्माण एजेंसी नगर पालिका परिषद कवर्धा ही थी। इसे अतिक्रमण बताते हुए बाउंड्री तोड़ दी गया। उक्त निर्माण कार्य जिस सीएमओ द्वारा स्वीकृत किया गया था, वही सीएमओ एन. के. वर्मा वर्तमान में भी इसी पद पर यहीं पदस्थ है। उनके द्वारा ही अवैध निर्माण बताकर तोड़ दिया गया।
इसी प्रकार कवर्धा में 23 दिसंबर को साधराम यादव नामक व्यक्ति की हत्या हुई, इस मामले में मोबाईल टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस अधीक्षक कवर्धा द्वारा 5 युवकों को गिरफ्तार करना बताया गया और पत्रकारों द्वारा मकसद के बाबत पूछने पर गोल मोल बात की गई और देर रात में ही संदेहास्पद परिस्थिति में ऐसे गंभीर मामले में रात में ही मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर रिमाण्ड लेकर देर रात को ही जेल दाखिल कराया गया। पुलिस को बारीकी से जांच करनी थी। सर्वसमाज कवर्धा द्वारा 2 फरवरी को बैठक लेकर सीबीआई जाँच की माँग की गई। इस मामले को लेकर 14 फरवरी को कवर्धा बंद किया गया। हत्या के आरोप में जेल में बंद आरोपीगण के विरूद्ध 18 फरवरी को यूएपीए लगाया गया है।
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