द सीजी न्यूज
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नीट परीक्षा और नतीजों में हुए गड़बड़झाले पर भारतीय जनता पार्टी पर तीखे आरोप लगाए हैं। भूपेश बघेल ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पिछले दस वर्षों में 70 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे देश भर के छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन पेपर लीक की समस्या को हल करने में भाजपा पूरी तरह असफल रही है।
भूपेश बघेल ने यह सवाल किया है कि जिन छात्रों के परीक्षा केंद्र बदले गए थे, क्या वही छात्र मेरिट में आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे हजारों करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि पेपर लीक केवल कुछ लाख रुपये का मामला नहीं है, बल्कि हजारों करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब 14 तारीख को रिजल्ट जारी करने की बात तय थी, तो रिजल्ट उसी दिन क्यों जारी किया गया, जब लोकसभा के नतीजे आए। ”जब बिहार में मई महीने में एफआईआर दर्ज हो गई और चार लोगों की गिरफ्तारी हो गई, तब केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का ये कहना समझ से परे है कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
भूपेश बघेल ने कहा कि नेट और नीट परीक्षाओं के संचालन के लिए बनाई गई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) खुद ही जांच के घेरे में है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द की जानी चाहिए। एनटीए के चेयरमैन को हटाया जाए और सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में इसकी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा, ”यह सुनने में आया है कि जो अधिकारी बिहार में जांच कर रहे हैं, उन्हें दिल्ली तलब किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि जांच प्रक्रिया में भी पारदर्शिता की कमी है।”
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