द सीजी न्यूज
दुर्ग। जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति और लो वोल्टेज की समस्या से निपटने के लिये राज्य सरकार और विद्युत विभाग ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 385.39 करोड़ रूपये की लागत से नये सबस्टेशनों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होने से शहरी क्षेत्रों बल्कि ग्रामीण और औद्योगिक इलाकों में भी बिजली की तस्वीर पूरी तरह बदल जायेगी।
विद्युत क्षमता बढ़ाने के लिये जिले में अलग-अलग क्षमता के सबस्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। सबसे बड़ा निवेश अहिवारा और कुम्हारी क्षेत्र में हो रहा है। अहिवारा में 86.11 करोड़ और कुम्हारी में 86.70 करोड़ और लिटिया में 61.54 करोड़ रुपए की लागत से 220 के.व्ही. क्षमता के अतिरिक्त उच्च दाब सबस्टेशन बनाये जा रहे हैं। इनसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों और आस-पास के दर्जनों गांवों को फायदा होगा। अहिवारा सबस्टेशन से अहिवारा सहित गोढ़ी, मोहंदी, नंदनी पथरिया, बीएसपी माइन्स, नंदिनी गिरहोला सबस्टेशनों व आसपास के क्षेत्र और कुम्हारी में सबस्टेशन बनने से कुम्हारी सहित, ढाबा, खारुन ग्रीन व चरोदा सबस्टेशनों सहित आसपास के क्षेत्रों को फायदा मिलेगा।
जामगांव (आर.) में 45.40 करोड़ रुपए, अण्डा में 54.42 करोड़ रुपए और आईआईटी जेवरा सिरसा में 44.98 करोड़ रुपये (कुल 144.80 करोड़) की लागत से उच्चदाब 132/33 के.व्ही. सबस्टेशन तैयार किये जा रहे हैं। आईआईटी जेवरा सिरसा में सबस्टेशन बनने से शैक्षणिक परिसर, जेवरा सिरसा एवं आसपास के क्षेत्र तथा जामगांव (आर.) सबस्टेशन से दक्षिण पाटन क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिये ग्राम माटरा में 2.95 करोड़ एवं ग्रीन वैली भिलाई में 3.29 करोड़ रुपए की लागत से 33/11 के.व्ही. सबस्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है।
नये सबस्टेशनों के बनने से ट्रांसफार्मरों पर लोड कम होगा और उपभोक्ताओं को समुचित वोल्टेज के साथ बिजली मिलेगी। फॉल्ट होने की स्थिति में अब वैकल्पिक लाईनों से सप्लाई तुरंत बहाल की जा सकेगी। अहिवारा और कुम्हारी जैसे क्षेत्रों में उद्योगों के साथ-साथ कृषकों की बिजली की मांग पूरी होगी, जिससे रोजगार के अवसर बढेंगे। जेवरा सिरसा क्षेत्र में सबस्टेशन बनने से शिक्षा और शोध कार्यों में बिजली की बाधा दूर होगी, जिससे छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय खण्डेलवाल ने कहा की इन परियोजनाओं के पूर्ण होते ही दुर्ग जिला प्रदेश के सबसे मजबूत विद्युत ग्रिड वाले जिलों में शुमार हो जायेगा। आने वाले 10 से 15 वर्षों की संभावित मांग को ध्यान में रखकर यह इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।
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