- दुकानों के आधिपत्य के संबंध में यथास्थिति का अंतरिम आदेश
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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने भिलाई इस्पात संयंत्र की टाउनशिप के 18 पट्टेदारों/दुकानदारों द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (डायरी सं. 28808/2026, सुनीता जैन व अन्य बनाम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड व अन्य) पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं द्वारा दुकानों पर आधिपत्य होने के कथन को दृष्टिगत रखते हुए आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक दुकानों के आधिपत्य के संबंध में 10 सितम्बर 2026 की यथास्थिति बनाए रखी जाए।
यह अंतरिम संरक्षण केवल आधिपत्य तक सीमित है। याचिका पट्टा (लीज़) नवीनीकरण से संबंधित नीति और उसके अंतर्गत की गई मांग को चुनौती देते हुए प्रस्तुत की गई है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय को अवगत कराया गया कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा पट्टा नवीनीकरण के संबंध में एक नई नीति जारी की गई है। न्यायालय ने कहा कि इस पहलू पर अगली सुनवाई में विचार किया जाएगा।
याचिका अधिवक्ता हिमांशु चौबे द्वारा दायर की गई और उन्हीं के द्वारा न्यायालय में पैरवी की गई।
स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स, भिलाई के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने कहा कि पिछले 14 वर्षों से शहर के व्यापारी लीज (पट्टा) नवीनीकरण की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम सभी न्याय-व्यवस्था पर पूर्ण आस्था रखते हैं और मनमानी वसूली का विरोध करते हैं। अधिवक्ता हिमांशु चौबे द्वारा दायर याचिका से व्यापारियों में पुनः नई आशा का संचार हुआ है।
जैन ने कहा कि प्रबंधन से निरंतर निवेदन किया जा रहा है कि प्रबंधन के साथ किए गए लीज अनुबंध के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, व्यवसायी खुद उचित राशि का भुगतान करने के लिए तैयार हैं।”
चैंबर ने अधिवक्ता हिमांशु चौबे के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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