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दुनिया में एक देश ऐसा है जहां सूरज सिर्फ 40 मिनट के लिए अस्त होता है। रात 12 बजकर 43 मिनट पर सूर्यास्त होता और सिर्फ 40 मिनट बाद फिर से सूर्योदय का नजारा।
इससे भी गजब बात ये है कि साल में करीब ढाई महीने (76 दिन) ऐसे होते हैं जब सूरज छिपता ही नहीं है। मई से जुलाई के बीच ऐसा होता है। ऐसा नार्वे के उत्तरी छोर पर स्थित हेमरफेस्ट शहर में होता है। इन्हीं कारणों से नार्वे को कंट्री ऑफ मिडनाइट सन के नाम से जाना जाता है।
वैज्ञानिक और खगोलीय आधार पर इसे समझें …
अंतरिक्ष में सूर्य स्थिर होता है और पृथ्वी अपनी कक्षा पर 365 दिनों में एक चक्कर पूरा करती है। अपने अक्ष यानी धुरी पर 24 घंटे में एक चक्कर पूरा करती है। पृथ्वी की सूरज की इसी परिक्रमा के कारण दिन और रात होते हैं। दिन और रात की अवधि हमेशा बराबर नहीं होती। कई बार दिन बड़े और रातें छोटी होती है तो कई बार दिन छोटे और रातें बड़ी होती हैं। ये पृथ्वी के अक्ष के झुकाव के कारण होता है।
पृथ्वी अपने तल से 66 डिग्री का कोण बनाते हुए घूमती है। पृथ्वी का अक्ष सीधा न होकर 23 डिग्री तक झुका होता है। अक्ष के झुकाव के कारण ही दिन व रात छोटे-बड़े होते हैं।
21 जून और 22 दिसंबर ऐसी दो तारीखें हैं, जिनमें सूरज की रोशनी पृथ्वी की धुरी के झुकाव के कारण धरती में समान भागों में नहीं फैलती। इस दौरान दिन और रात की अवधि में फर्क आ जाता है।
नॉर्वे में मिडनाइट सन वाली घटना का संबंध 21 जून वाली स्थिति से है। इस समय 66 डिग्री उ. अक्षांश से 90 डिग्री उ. अक्षांश तक धरती का पूरा हिस्सा सूरज की रोशनी में रहता है। यहां 24 घंटे दिन रहता है। रात होती ही नहीं। इसी कारण नॉर्वे में ये विचित्र घटना होती है और आधी रात के वक्त भी यहां सूरज उगता देखा जा सकता है।
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