मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर में रविवार की रात एक बार पार्टी में हुए हंगामे के मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी से इस घटना के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है।बिलासपुर में रविवार को रात के समय अफसरों की बार पार्टी में बवाल हो गया था। पार्टी में शामिल कुछ लोगों से मिलने के लिए वहां जब पुलिस अफसर दंपती पहुंचे तो बाउंसरों ने उन्हें रोक लिया। इस पर अफसर ने अपना परिचय दिया। उन्होंने ID कार्ड भी दिखाया, लेकिन बाउंसरों ने नहीं जाने दिया। इस दौरान झूमाझटकी भी होने की खबर है।

विवाद इतना बढ़ा कि बाउंसर अफसर से दुर्व्यवहार करने लगे। सूचना मिलने पर सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी बाउंसर भाग निकला। इस घटना के कारण देर रात करीब 3 बजे तक सिविल लाइन थाने में गहमागहमी रही। कुछ अफसर भी देर रात तक वहां मौजूद रहे। सीएम ने डीजीपी से इस मामले की रिपोर्ट मांगी है। पहले डीजीपी और अब सीएम द्वारा मामले की रिपोर्ट मांगे जाने के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार रामा मैग्नेटो मॉल स्थित भूगोल बार में रविवार को अफसरों की पार्टी चल रही थी। इसमें कोतवाली सीएसपी स्नेहिल साहू, गौरेला एसडीओपी रश्मित कौर चावला, चकरभाठा सीएसपी सृष्टि चंद्राकर और सहायक जेल अधीक्षक सोनाल डेविड सहित अन्य अफसर आमंत्रित थे। सहायक जेल अधीक्षक सोनाल डेविड अपनी पत्नी सीएसपी सृष्टि चंद्राकर के साथ पार्टी में देर से पहुंचे। इस पर बाहर खड़े बाउंसर ने उन्हें रोक दिया। बाउंसर का नाम राहुल अग्रहरि बताया गया है।