द सीजी न्यूज
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आगामी 1 जून को भाजपा के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर महापौर धीरज बाकलीवाल ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि हमारा काम विकास कार्य कराना है। किसी की आलोचना करना उचित नहीं है। लेकिन, जिस तरह से भाजपा नेताओं ने आरोप हैं तो उसका जवाब देना भी जरूरी है। महापौर ने कहा कि भाजपा परिषद के 20 साल के कार्यकाल में दुर्ग नगर निगम नाकाम योजनाओं का स्मारक बना रहा, यह दुर्ग की जनता अच्छी तरह जानती है।
महापौर ने कहा कि चौपाटी एक साल के भीतर चौपट हो गई थी। पुष्पवाटिका उजड़कर वीरान हो गई। टाय ट्रेन, तारामंडल, म्यूजिकल फाउंटेन का कहीं अता-पता नहीं है। गौरवपथ की दुर्गति हो गई। तालाब सौंदर्यीकरण के कार्यों में करोड़ों खर्च हुए लेकिन सभी तालाबों की हालत बदतर है। यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है कि चंद्रिका चंद्राकर और डा शिव कुमार तमेर के कार्यकाल में नगर निगम का कामकाज किसके इशारे पर चलता था?
महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि दुर्ग की जनता ने जिन्हें दो बार महापौर चुना और दुर्ग से बनी पहचान के कारण वे वैशाली नगर से विधायक और बाद में लोकसभा सांसद और फिर राज्यसभा सांसद बनी। उन्हें यह बताना चाहिए कि जब दुर्ग की जनता कोरोना के वैश्विक संकट से जूझ रही थी, तब उन्होंने दुर्गवासियों की फिक्र क्यों नहीं की। उस संकटकाल में तमाम भाजपा नेता कहां गायब हो गए थे। उन्होंने कितने लोगों को राशन बांटा और कितने लोगों को अस्पताल में एडमिट कराया। कितने लोगों के सुख-दुख में शामिल हुए। कोरोना संकट में तो भाजपा के कार्यकर्ता से लेकर बड़े पदों पर बैठे नेता घर मे दुबके बैठे थे, उस संकटकाल में सड़कों पर कौन निकला, ये शहर की जनता अच्छी तरह जानती है।
महापौर ने कहा कि राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोरा ने अपनी सांसद निधि से दुर्ग के वार्डों में 15 करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्य कराए हैं। भाजपा की परिषद में बिना भेदभाव के उन्होंने विकास कार्यों के लिए राशि दी। दूसरी ओर, भाजपा से लोकसभा और राज्यसभा सांसद के रूप में सांसद विकास निधि से दुर्ग में क्या-क्या कार्य कराए गए? सांसद ने दुर्ग में रहने वाले नागरिकों के लिए विकास कार्यों के लिए राशि खर्च क्यों नहीं की? सांसद विकास निधि का पैसा आखिर कहां गया?
महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि कोरोना संकट के बावजूद दुर्ग शहर में विकास कार्य जोरशोर से कराए जा रहे हैं। 15 करोड़ की लागत से ठगड़ा बांध सौंदर्यीकरण जैसी योजना का काम तेजी से चल रहा है। 20 साल के भाजपा परिषद के कार्यकाल में ऐसी एक भी योजना दुर्ग शहर में शुरू नहीं हुई। पिछले 15 साल से अधूरे पड़े शंकर नाला पक्कीकरण का काम भी वर्तमान परिषद द्वारा तेजी से कराया जा रहा है। फिल्टर प्लांट की दुर्दशा चारों महापौर के कार्यकाल में हो चुकी थी जिसे वर्तमान परिषद ने अपग्रेड कराया। हमारे शहर की स्वछता का प्रमाण तो केंद्र में बैठी सरकार द्वारा प्रमाणित कर रैकिंग दी। केंद्र में भाजपा की सरकार है।
वोरा की सक्रियता से भाजपा नेताओं की नींद उड़ी
महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि भाजपा चाहे जितने प्रदर्शन कर ले, दुर्ग के विधायक अरुण वोरा दुर्ग शहर की जनता के दिलोदिमाग में बसे हैं और हमेशा बसे रहेंगे। कोरोना संकटकाल में भी पीड़ित लोगों की सेवा, राशन बांटने, अस्पतालों में एडमिट कराने से लेकर हरेक के सुख दुख में शामिल होने वाले विधायक अरुण वोरा शहर के एक-एक गली और नुक्कड़ में विकास कार्य कराने के लिए हमेशा सक्रिय रहते हैं। वोरा ने दुर्ग की जनता के लिए हमेशा समर्पित भाव से सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
राजनीति चमकाने की कोशिश में विरोध प्रदर्शन
महापौर ने कहा कि दुर्ग की जनता अच्छी तरह जानती है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व और विधायक अरुण वोरा के मार्गदर्शन में नगर निगम की वर्तमान परिषद दुर्ग का चौमुखी विकास कर रही है। दुर्ग की जनता ने लगातार चार कार्यकाल में हुई नाकामियों और भ्रष्टाचार के कारण भाजपा को पूरी तरह नकार दिया है। अगले साल विधानसभा चुनाव में अपनी जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे भाजपा नेता केवल अपनी राजनीति चमकाने नगर निगम में 1 जून को विरोध प्रदर्शन की राजनीति कर रहे हैं।
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