द सीजी न्यूज
दुर्ग में लंपी वायरस के लक्षण वाले मवेशियों के मिलने की खबर के बाद पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्र में कई मवेशियों को लंपी वायरस का रोग हुआ है। विभागीय स्तर पर सावधानी बरती जा रही है। हालांकि, अभी इक्का दुक्का केस ही मिल रहे हैं। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा ऐसे मवेशियों को वैक्सीन देने की व्यवस्था की गई है। मवेशी मालिकों से कहा गया है कि ऐसे मवेशियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर न जाने दें। मवेशियों का मूवमेंट रोकना बेहद जरूरी है।
दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के डायरेक्टर क्लीनिक्स प्रोफेसर एसके मैती का कहना है कि लंपी वायरस के इक्का दुक्का केस मिले हैं। दूसरे राज्यों की तरह संक्रमण के फैलाव की स्थिति यहां नहीं है। रोकथाम के उपाय किये जा रहे हैं। लंपी वायरस से पीड़ित मवेशियों का मूवमेंट न हो, इसके लिए उपाय करने कहा गया है। इसके अलावा वैक्सीन लगाये जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा दूसरे राज्यों से मवेशियों की आवाजाही भी रोकी जा रही है। डॉ एसके मैती ने बताया कि लंपी वायरस से पीड़ित मवेशियों के कारण इंसानों को कोई खतरा नहीं है। दूध को उबालकर पीने वालों को इससे कोई नुकसान नहीं है।
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal
