द सीजी न्यूज
वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अरुण वोरा ने नगर निगम प्रशासन को नसीहत देते हुए कहा है कि आम जनता की भलाई के लिए काम करें। आम जनता को नुकसान पहुंचाने के लिए अधिकारियों की पोस्टिंग नहीं की गई है। नागरिकों की सेवा करना उनका परम कर्तव्य होना चाहिए। वोरा ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने संवेदनशीलता से जनता की भलाई के लिए फैसले किये हैं। दूसरी ओर, नगर निगम के अधिकारी जनता को परेशान कर रहे हैं।
वोरा ने साफ कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर 10-15 हजार रुपए तक जुर्माना लगाने, तोड़फोड़ करने और लोगों के घरों की नापजोख करने से जनता का भला नहीं होगा। दुर्ग शहर में नागरिकों को विश्वास में लेकर कार्य किये जाएं। निगम के अधिकारी लोगों को डराने-धमकाने का काम न करें। वोरा ने सवाल किया कि जब शहर में अतिक्रमण होता है तब अधिकारी ध्यान नहीं देते और जब लोगों का कारोबार जम जाता है तो उन्हें हटाने की कार्रवाई होती है। वोरा ने जोर देकर कहा कि लोगों का रोजगार छीना जाना बिलकुल गलत है। वे दुर्ग की जनता के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
वोरा ने कहा कि उन्होंने शासन स्तर पर लगातार प्रयास कर नगर निगम को पहले अधोसंरचना मद से 7 करोड़ रुपए मिले। इसके बाद 5 करोड़ रुपए मंजूर किये गए। इसके बाद सड़कों की हालत सुधारने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 5 करोड़ रुपए मंजूर किये गए। अधोसंरचना कार्यों के लिए 22 करोड़ रुपए भी निगम को मिल चुके हैं। नगर निगम के अधिकारी करोड़ों रुपए की राशि से विकास कार्य कराने पर फोकस करें। विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर निगम के अफसर डवलपमेंट के कार्य तेजी से क्यों नहीं करा रहे।
निगम अधिकारियों के रवैये से नाराज वोरा ने कहा कि दुर्ग की जनता की सेवा उनके जीवन का एकमात्र ध्येय है। जब तक वे जीवित हैं, तब तक दुर्ग की जनता की सेवा करते रहेंगे। अफसरों को पब्लिक को परेशान करने की बजाय विकास पर ध्यान देना चाहिए। वोरा ने कहा कि हम सभी शहर में विकास कार्यों के साथ व्यवस्थित और सुंदर शहर की कल्पना साकार करना चाहते हैं। लेकिन, अतिक्रमण हटाने के नाम पर शहर की जनता को परेशान कर सुंदर शहर की कल्पना साकार नहीं हो सकती। वोरा ने कहा कि फुटपाथ पर रोजी रोटी कमाने वालों को हटाने से पहले हर हाल में उनका व्यवस्थापन किया जाए।
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