द सीजी न्यूज

ये तस्वीरें आज सुबह 7 बजे ली गई हैं। किसी दूरदराज गांव की सड़क नहीं, ये तस्वीरें विकास की चमक से दूर रहने वाले इलाके की सड़क भी नहीं। ये सड़क संभागीय मुख्यालय और जिला मुख्यालय दुर्ग शहर की तस्वीर हैं। अग्रसेन चौक से इंदिरा मार्केट के बीच व्यस्ततम रोड की ये तस्वीरें हैं।

गौर से देखिये, दुर्ग शहर में 4 सौ करोड़ के विकास के दावों की पोल खोलने वाली ये तस्वीरें दुर्ग शहर की दुर्दशा भी बयान कर रही हैं। रक्षाबंधन का पर्व हो या तीजा पोरा का त्यौहार, इसी गड्ढे भरी सड़क पर आवाजाही करना शहरवासियों की मजबूरी है। गणेश चतुर्थी हो या जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व, इन गड्ढों भरी सड़क पर चलना और गिरना शहरवासियों की मजबूरी बन चुकी है। ये उनकी लाचारी भी है।

तस्वीरें बता रही हैं कि दुर्ग शहर का कोई माई-बाप नहीं है। आम जनता इस व्यस्ततम सड़क पर बेशुमार गड्ढों के कारण गिरते पड़ते रहे या हड्डी तुड़वाते रहे, तथाकथित जिम्मेदारों को जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है।

इस सड़क की जर्जर हालत को लेकर पिछले तीन साल से मरम्मत की मांग की जा रही थी। कभी गड्ढे में डस्ट भरकर काम चलाया गया तो कभी पैचवर्क करने की खानापूर्ति कर ली गई। समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए बीटी रिनीवल यानी डामरीकरण की जरूरत के बावजूद पिछले तीन साल से यहां कोई काम नहीं हुआ।

तीन साल से हो रही लापरवाही का नतीजा ये हुआ कि ऐन त्यौहार से पहले सबसे भीड़भाड़ वाले स्टेशन रोड पर हालत बदतर हो चुके हैं। इन गड्ढों से गुजरते हुए लोग गिर रहे हैं। इस सड़क पर साइकिल या बाईक से गुजरते हुए पूरे शरीर की अस्थि पंजर ढीले हो रहे हैं।
मगर किसे परवाह है?
हर छोटे बड़े विकास कार्य का श्रेय लेने वाले विधायक अरुण वोरा ने लगातार तीन साल से जनता की मांग के बावजूद स्टेशन रोड पर बीटी रिनीवल का काम नहीं कराया। इस दौरान वे दुर्ग शहर का समग्र विकास करने के झूठे दावे करते रहे। दुर्ग को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने की जुमलेबाजी करते रहे।
लोकसभा सांसद विजय बघेल को इस शहर की जनता ने हजारों वोटों से जिताकर अपना स्नेह प्रेम बरसाया, लेकिन विजय बघेल ने एक बार भी शहरवासियों की तकलीफ पर ध्यान नहीं दिया। समस्या दूर करना तो छोड़िये, सांसद विजय बघेल ने समस्या जानने का प्रयास तक नहीं किया।
राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय इस शहर के महापौर पद पर दस साल तक रहीं। अगले दस साल उन्होंने अपने समर्थकों को महापौर बनाया। शहर की जनता से इतना स्नेह और भरपूर वोट मिलने के बावजूद भी सरोज पांडेय ने शहर की जनता की समस्याओं से कोई सरोकार रखने की कोशिश तक नहीं की।
बड़ा सवाल ये है कि आम जनता क्या करे …???
केबीसी में महानायक अमिताभ बच्चन कहते हैं … ये बदलाव का दौर है …
तो क्या दुर्ग में भी बदलाव का दौर जरूरी हो गया है …
चुनाव सामने है… क्या कांग्रेस से चेहरा बदला जाएगा ???
अगर चेहरा नहीं बदला गया तो क्या जनता बदलाव कर देगी ???
बड़ा सवाल ये भी है कि इन तस्वीरों को देखकर क्या जिम्मेदारों को शर्म आएगी ?
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