द सीजी न्यूज
रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने आज छत्तीसगढ़ की 6 वीं विधानसभा के दूसरे सत्र को संबोधित किया और अभिभाषण पढ़ा। विधानसभा पहुंचने पर राज्यपाल हरिचंदन का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, संसदीय कार्य मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने स्वागत किया।

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की छठवीं विधानसभा का गठन दिसम्बर 2023 में हुआ था। 20 दिसम्बर 2023 को नवगठित विधानसभा के प्रथम सत्र के अपने अभिभाषण में मैंने कहा था कि मेरी सरकार छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदर्शों और सिद्धांतों के अनुसार छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया दौर प्रारंभ करने के लिए संकल्पबद्ध है। अल्प अवधि में छत्तीसगढ़ सरकार ने जनता से किए गए वादे पूर्ण करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, जिसके कारण प्रदेश में न्याय, राहत और विकास का नया दौर शुरू हुआ है।
सरकार ने ‘‘समृद्ध किसान-संपन्न प्रदेश‘‘ की अवधारणा पर तेजी से अमल साल के धान के बकाया बोनस 3 हजार 716 करोड़ रुपए की राशि अंतरित कर दी गई है। किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का वादा भी निभाया गया और धान खरीदी की पारदर्शी और सुगम व्यवस्था भी की गई, जिससे इस वर्ष छत्तीसगढ़ में अब तक का सर्वाधिक धान खरीदी का कीर्तिमान स्थापित हुआ है।

राज्यपाल ने कहा कि ‘‘जनजाति उत्थान-प्रदेश का मान‘‘ ध्येय वाक्य अनुसूचित जनजाति के जीवन से जुड़े सभी पहलुओं पर सरकार की संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को प्रकट करता है। बच्चों की शिक्षा से लेकर पूरे समुदाय की संस्कृति, स्वास्थ्य, आवश्यक अधोसंरचना, रोजगार, जीवन स्तर उन्नयन जैसे सभी विषयों पर तेजी से काम किया जाएगा।
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के द्वारा पीवीटीजी अर्थात् विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूहों (बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं अबूझमाड़िया) को मूलभूत सुविधाओं जैसे-पक्के आवास गृह, संपर्क सड़कें, छात्रावास का निर्माण, शुद्ध पेयजल, विद्युतीकरण, बहुउद्देशीय केन्द्रों, आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा वनधन केन्द्रों का निर्माण, मोबाइल टॉवर की स्थापना, व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल से परिपूर्ण करने हेतु सरकार कृत संकल्पित है। पीएम जनमन महाअभियान के अंतर्गत विशेष रूप से संरक्षित जनजातियों के स्वास्थ्य की जांच, उपचार एवं दवा वितरण हेतु 66 चलित चिकित्सा इकाई वाहनों का उपयोग किया जा रहा है।
तेन्दूपत्ता, महुआ, इमली सहित सभी लघु वन उपजों से जुड़े आजीविका के साधनों को मजबूत बनाने को छत्तीसगढ़ सरकार उच्च प्राथमिकता देगी। तेंदूपत्ता का संग्रहण पारिश्रमिक 5500 रूपये प्रति मानक बोरा तथा संग्राहकों को 4500 रूपये तक बोनस प्रदाय किए जाने हेतु सरकार कटिबद्ध है। संग्राहकों और उनके परिवारजनों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना‘‘ के लाभ से वंचित लगभग 18 लाख हितग्राहियों को पक्के आवास उपलब्ध कराने का निर्णय कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया। इससे ग्रामीण अंचलों में आवासहीन परिवारों को नया जीवन मिलेगा। वहीं मेरी सरकार घर-घर निर्मल जल पहुंचाने के लिए ’जल जीवन मिशन’ के कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने हेतु अग्रसर हुई है।
सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। ‘‘वन नेशन वन राशन कार्ड‘‘ योजना, ‘‘ई-पॉस मशीन‘‘ के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सरकार ने ‘‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना‘‘ के अंतर्गत दिसम्बर 2028 तक निःशुल्क चावल प्रदाय करने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ में इस योजना से 67 लाख 94 हजार अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित और निःशक्तजन राशन कार्डधारियों को मासिक पात्रता का चावल दिया जाएगा।
महिलाओं का जीवन आसान बनाने में ‘‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना‘‘ की बड़ी भूमिका रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश में अब तक 36 लाख से अधिक नवीन गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। यह सुविधा भी शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाई जाएगी। पुलिस बल को आधुनिक हथियार, दूरसंचार व अन्य आवश्यकताओं के अनुसार बेहतर गुणवत्ता के उपकरण दिए जाएंगे।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस अधोसंरचना के विकास हेतु लगभग 201 करोड़ रुपए की लागत से कार्य शीघ्र पूर्ण कराए जाएंगे। सरकार प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने हेतु दृढ़ संकल्पित है तथा छत्तीसगढ़ को पूर्णतः नक्सल समस्यामुक्त राज्य बनाने हेतु कटिबद्ध है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं, शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाना सरकार का मुख्य ध्येय है।
सरकार ने पुलिस कर्मचारियों की कठिन सेवा, लगन, कर्त्तव्यनिष्ठा का सम्मान करते हुए मैदानी क्षेत्रों में पदस्थ आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक को एक दिवस का साप्ताहिक अवकाश देने का निर्णय लिया है। नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्र में पदस्थ जिला पुलिस बल के कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश के स्थान पर 3 माह में एक बार 8 दिवस का अवकाश दिया जाएगा। अवकाश की पात्रता, प्रक्रिया संबंधी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
5 शक्ति पीठों-कुदरगढ़, चन्द्रपुर, रतनपुर, दंतेवाड़ा तथा डोंगरगढ़ को 4 धाम की तर्ज पर विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जा रही है। राजिम कुंभ (कल्प) 3 जीवनदायिनी नदियों का त्रिवेणी संगम ही नहीं है बल्कि इसके माध्यम से आस्था, समरसता और स्थानीय विकास की त्रिवेणी भी विकसित हुई थी। देश और दुनिया के तीर्थ मानचित्र में राजिम कुंभ (कल्प) को अत्यंत सम्मानजनक स्थान दिलाने में सरकार निरंतर प्रयासरत् है।
अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा से पूरी दुनिया में अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा का संचार हुआ है, जिसे और अधिक बढ़ाने हेतु मेरी सरकार द्वारा 5000 पंजीकृत रामायण मंडली, भजन मंडली को प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जा रही है। सरकार छत्तीसगढ़वासियों के लिए श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ करने का वादा निभाने जा रही है। इस योजना के तहत प्रति वर्ष हजारों तीर्थयात्री अयोध्या धाम सहित काशी विश्वनाथ मंदिर, कॉरिडोर आरती का दर्शन लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार ने युवाओं के सर्वांगीण विकास की रणनीति बनाई है, जिसके तहत स्कूल से कॉलेज तक गुणवत्तापूर्ण-संस्कारयुक्त-रोजगारपरक शिक्षा अधोसंरचना का विकास किया जाएगा। विद्यार्थियों को नवाचार और रचनात्मक कार्यों में दक्ष बनाने के लिए साइंस सेंटर रायपुर में ‘‘इनोवेशन हब‘‘ की स्थापना का कार्य पूर्ण किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में वहां की विशेषताओं के अनुरूप खेल अकादमी, खेलो इंडिया लघु केन्द्र, खेल स्टेडियम आदि सुविधाओं का समुचित विकास किया जाएगा। किए गए वादे अनुरूप संपूर्ण प्रदेश में नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने हेतु मेरी सरकार ठोस कदम उठा रही है।
राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने सीबीआई जांच का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों को शासकीय सेवाओं में भर्ती हेतु अधिकतम आयु सीमा की छूट अवधि पांच वर्षों के लिए बढ़ा दी गई है। इन कदमों से विद्यार्थियों और युवाओं का विश्वास लौटेगा और वे नए सिरे से हर क्षेत्र में प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होंगे।
सरकार महिलाओं और शिशुओं की समुचित देख-रेख, सुरक्षा और स्वस्थ विकास के प्रति सजग है। कुपोषण की रोकथाम के लिए ‘‘मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना‘‘, ‘‘वजन त्यौहार‘‘, ‘‘पूरक पोषण आहार योजना‘‘, ‘‘रेडी-टू-ईट पोषण आहार‘‘ जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से सफलता के अनेक सोपान तय किए गए थे। इन्हें अब आगे बढ़ाने तथा इनमें नए आयाम जोड़ने के लिए सरकार तत्पर है। ‘‘सखी-वन-स्टाप सेंटर‘‘, ‘‘महिला हेल्प लाइन‘‘, ‘‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना‘‘, ‘‘छत्तीसगढ़ महिला कोष‘‘, ‘‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना‘‘ जैसी सुविधाओं का विस्तार बेहतर रूप में किया जाएगा।
विवाहित महिलाओं को अपनी सामाजिक स्थिति अनुसार जिम्मेदारियों के निर्वाह में मदद के लिए सरकार ने ‘‘महतारी वंदन योजना‘‘ प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। इस योजना के अंतर्गत 12000 रूपये वार्षिक आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा निभाने की दिशा में पहल प्रारंभ की गई है।
प्रदेश के विभिन्न संसाधनों के युक्तियुक्त उपयोग से उद्योग, व्यापार तथा व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी लाई जाएगी। सरकार एक ओर जहां प्रदेश के राजस्व में समुचित वृद्धि के लिए संकल्पित है। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अधिकाधिक अवसर सृजित किए जाएंगे। राज्य के विकास का लक्ष्य प्रदेश के जन-जन का सशक्तीकरण होगा। प्रदेश को सिकलसेल एनीमिया मुक्त बनाने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु समस्त सिकलसेल मरीजों को निःशुल्क दवाइयां तथा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।
सरकार प्रदेश में निवेश का आदर्श वातावरण बनाएगी, जिसमें निवेशकों के साथ ही जनता के हित भी कानूनी रूप से सुरक्षित रहें। मुआवजा, पुनर्वास पैकेज जैसे हर प्रावधान में जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य व जिला स्तर पर समीक्षा हेतु ‘‘इंडिकेटर फ्रेमवर्क‘‘ की मदद ली जाएगी। विकास संबंधीगुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय आंकड़ों के लिए ‘‘अटल पोर्टल‘‘ जैसे अत्याधुनिक साधन का उपयोग किया जाएगा। राज्यपाल ने विश्वास जताते हुए विधानसभा के सभी सदस्यों से कहा कि आप सभी बड़े लक्ष्य निर्धारित करेंगे और उसे अर्जित करने के लिए अपनी पूरी प्रतिभा, लगन और मेहनत से जुट जाएंगे। आपके योगदान से छत्तीसगढ़ विधानसभा की प्रतिष्ठा और प्रसिद्धि सभी दिशाओं में फैले।
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