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गेल इंडिया के अफसरों के रवैये पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सख्त तेवर : कहा – किसानों के साथ ज्यादती बर्दाश्त नहींं

  • गेल इंडिया के अधिकारियों के रवैये से परेशान दुर्ग और बेमेतरा जिले के किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री से लगाई गुहार 

द सीजी न्यूज

गेल इंडिया के अधिकारियों की मनमानी और किसानों से विवाद किये जाने की लगातार शिकायतें मिलने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़े तेवर दिखाए। इस मामले को लेकर शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई तीन स्थित निवास पर दुर्ग व बेमेतरा जिले के किसानों और गेल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में बघेल ने गेल इंडिया के अधिकारियों से कहा कि किसानों के साथ ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बघेल ने साफ कहा कि अगर काम करना है तो किसानों से सामंजस्य बनाकर काम करें। पुलिस या गुंडागर्दी से काम नहीं होने देंगे। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र साहू ने गेल इंडिया के अधिकारियों से कहा कि किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करें। भिलाई चरौदा के महापौर निर्मल कोसरे, दुर्ग ग्रामीण युकां अध्यक्ष जयंत देशमुख, ब्लॉक कांग्रेस अहिवारा अध्यक्ष हेमंत साहू, पार्षद अभिषेक वर्मा, आशीष वर्मा ने भी गेल इंडिया के किसान विरोधी क्रियाकलापों का विरोध किया।

किसान संघ की ओर से रवि प्रकाश ताम्रकार ने कहा कि पेट्रोलियम एवं खनिज पाइपलाइन (भूमि में उपयोग के अधिकार का अर्जन) अधिनियम 1962 में निहित धारा 3(1) नियम 1963 में निहित नियम 3(2)(a) एंव 3(2)(b) का उल्लंघन किया जा रहा है | धारा 10(1) का भी उल्लंघन किया गया है | कंपनी के कर्मचारियों द्वारा सहमति पत्र में मुआवजे की राशि वाले काॅलम को खाली छोड़ कर किसानों से हस्ताक्षर कराए गए हैं जो कि एक संगीन अपराध की श्रेणी में आता है।

प्रभावित किसानों के हितों को नजरअंदाज कर दमन पूर्वक पाइपलाइन बिछाया जा रहा है। संदीप पटेल ने बताया कि राजस्व मंत्री को भी गलत जानकारी दी गई है कि समस्त किसानों को मुआवजा दे दिया गया है जो कि सरासर गलत है। किसानों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार को भी धोखे में रखा जा रहा है। काफी देर तक बहस और विवाद के बीच किसानों और गेल इंडिया के बीच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी।

अधिकारियों ने किसानों की मांग पर सहमति जताते हुए कहा कि फसल काटने तक कोई काम नहीं किया जाएगा। किसानों के खेतों के फसल नुकसान का 2 वर्ष का मुआवजा क्षतिपूर्ति माह अगस्त में ही भुगतान किया जाएगा। किसानों के तार घेरा व अन्य नुकसान का मुआवजा निर्धारण गांव में उपस्थित होकर किया जाएगा। मुआवजा फसल क्षतिपूर्ति का भुगतान न होने पर काम शुरू नहीं किया जाएगा।

इस दौरान किसान नेता रवि प्रकाश ताम्रकार, संदीप पटेल, धर्मेंद्र सोनी, बागडूमर से तीर्थ निषाद, कौशल निषाद, पथरिया से धर्मेंद्र यादव, भावेश कुमार ढौ़र से उमेश कुमार छबिलाल, दानेश्वर वर्मा कोहड़िया अकबर खान रमेश देवांगन रवेलीडीह बोड़ेगांव से सुभाष ताम्रकार कार्तिक देवांगन अशोक शर्मा अरविंद नेताम संजय ताम्रकार सूरज साहू संदीप यादव कंडरका से अभिषेक वर्मा पार्षद आशीष वर्मा सिद्धार्थ चंद्राकर दीप सारस्वत रघुवर साहू शंकर साहू नीलकंठ वर्मा अहेरी हेमलाल धनकर अहेरी टीकम यादव टेमरी सहित अन्य किसान उपस्थित थे।

किसानों ने बघेल से की गेल इंडिया के अधिकारियों की शिकायत

किसान दानेश्वर वर्मा ने शिकायत किया है कि मलपुरी में सब स्टेशन बनाया जा रहा है। उनके घर के किनारे गड्ढा खोद कर छोड़ दिया गया है और घर गिरने का डर है। बागडूमर के किसान ने बताया कि उनके खेत के बीचोंबीच पाइप पिछले 1 साल से डालकर छोड़ दिया गया है जिससे ट्रैक्टर लाने, ले जाने और बुवाई में परेशानी हो रही है। कई किसानों के खेतों में 1 साल से पाइप पड़ा हुआ है मनोज वर्मा नवागांव ने बताया कि पिछले साल गेहूं का फसल लगाया था, बाउंड्री वॉल तोड़कर पाइप डालने से गेहूं की खड़ा फसल बर्बाद हो गई| पथरिया के छबिलाल निषाद ने बताया कि 1 साल से खेत में पाइप डालकर छोड़ दिए हैं। मेड़ नहीं बनाया गया है और ना ही भूमि को समतल किया गया है जिसके कारण इस गांव के किसान फसल नहीं बो पा रहे हैं। कंपनी की ओर से लगातार विवाद करने वाले अधिकारी प्रशांत गुप्ता बैठक में अनुपस्थित थे। किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिकायत करते हुए कहा कि विवाद करने वाले अधिकारी को छत्तीसगढ़ से बाहर कर उनके गृह क्षेत्र बिहार भेज दिया जाए। प्रशांत गुप्ता के कारण ही सारे फसाद हो रहे हैं। गेल इंडिया कंपनी के डीएम जितेंद्र पांडे ने किसानों को बताया कि खेत को फसल बोने के लायक मेड़ पार बनाकर समतल कर किसानों को दिया जाएगा। गेल इंडिया के चीफ मैनेजर सौरभ सिंह, दीपक मौर्य उपस्थित थे।अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में किसानों के साथ किसी प्रकार से नाइंसाफी नहीं की जाएगी और किसानों से मिल बैठकर कार्य करेंगे। किसी प्रकार से जोर जबरदस्ती नहीं की जाएगी।

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