THE CG NEWS
भिलाई। जन अधिकार अभियान समिति के राष्ट्रीय महासचिव और समाजवादी जनता पार्टी (चंद्रशेखर) के नेता आरपी शर्मा ने भिलाई इस्पात संयंत्र की संपत्ति की सुरक्षा के लिए युवाओं से आगे आने का आह्वान किया है। शर्मा ने कहा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र और भिलाई में पिछले कुछ वर्षों में जातिवाद, वंशवाद, पूंजी के प्रभाव और भ्रष्टाचार से जुड़ी गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
लोहा और स्क्रैप चोरी के सामने आ रहे मामलों में किसी उद्योगपति, कारोबारी, राजनीतिक व्यक्ति या अन्य प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
शर्मा ने कहा कि जन अधिकार अभियान समिति वर्ष 2007 से स्क्रैप माफिया और राष्ट्र की संपत्ति की चोरी के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि नागपुर इंजीनियरिंग से जुड़े स्क्रैप मामलों से लेकर लखोटिया समूह से संबंधित मामलों तक समिति ने कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाया है।
शर्मा ने दावा किया कि लाखोटिया से जुड़ी करीब 12 कंपनियों के खिलाफ भी जन अधिकार अभियान समिति ने कार्रवाई की मांग उठाई थी। बाद में इन कंपनियों के बंद होने की स्थिति बनी। इन मामलों में सेल के कुछ अधिकारियों, राजनीतिक लोगों और भू-माफिया से जुड़े लोगों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे। इन मामलों में तत्कालीन बीएसपी के अधिकारियों के खिलाफ भी आवाज उठाई गई। जिसके बाद बीएसपी के कार्यकारी अधिशासी निदेशक वीके अरोरा को रातों-रात रांची जाना पड़ गया।
शर्मा ने कहा कि पंकज गौतम और लखोटिया के बीच कथित व्यावसायिक संबंधों को लेकर जन अधिकार अभियान समिति ने सवाल उठाए जिसके बाद उनके खिलाफ एक करोड़ रुपये का मानहानि का दावा किया गया और जेपी प्रतिष्ठान की लीज रद्द करने की कार्रवाई भी हुई। हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिली और संबंधित मामले में उन्हें बरी कर दिया गया।
आर.पी. शर्मा ने कहा कि जन अधिकार अभियान समिति आगे भी लोहा और स्क्रैप चोरी के मामलों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपना अभियान जारी रखेगी। इस अभियान के कारण उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस और संबंधित अधिकारियों से की है।
दुर्ग पुलिस की कार्रवाई का स्वागत
लोहा और स्क्रैप चोरी के हालिया मामलों में दुर्ग पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का स्वागत करते हुए शर्मा ने कहा कि पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूरे मामले की तह तक पहुंचने और मुख्य आरोपियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। जांच एजेंसियों को बिना किसी दबाव के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच करनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता प्रमाणित होने पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal
